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न्याय चाहिए तो यहां आइए, भगवान करेंगे न्याय

Reported by nationalvoice , Edited by sidharth-chaurasiya , Last Updated: Oct 10 2016 7:07AM
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अल्मोड़ा: अक्सर किसी मामले पर कहा जाता है कि उसके साथ तो भगवान न्याय करेगा, लेकिन यह बात उत्तराखंड के अल्मोड़ा में सही साबित होती है। दरअसल, अल्मोड़ा के चित्तई स्थित गोलू देव का मन्दिर अपने आप में एक अनोखा मंदिर है, जिसके बारे में ये मान्यता है कि अगर किसी को दुनिया में कहीं न्याय नहीं मिलता है तो वह यहां आकर अपनी फरियाद सुना सकता है।
 
इसी के साथ इस मंदिर की खासियत ये भी है कि इस मंदिर में ढ़ेर सारी घंटियां हैं। कहा ये भी जाता है कि दुनिया में किसी मन्दिर में इतनी घंटियां नहीं चढ़ाई गई हैं, जितने अकेले गोलू देव के मंदिर में हैं। मंदिर में भगवान का फरियादी की अर्जी पढ़कर मनोकामना पूर्ण करना बेहद खास माना जाता है।
 
 
गोलू देव मंदिर की मान्यता न सिर्फ देश, बल्कि विदेशों तक में है। इसलिए यहां दूर-दूर से सैलानी और श्रद्धालु आते हैं। इस मंदिर में प्रवेश करते ही यहां अनगिनत घंटियां नजर आने लगती हैं।
 
हर कोने-कोने में दिखने वाली इन घंटे-घंटियों की संख्या कितनी है, ये आजतक मन्दिर के लोग भी नहीं जान सके। आमलोगों में इसे घंटियों वाला मन्दिर भी पुकारा जाता है। दरअसल, यहां मन्नतें पूरी होने पर घंटियां चढ़ाने की परम्परा है। ये घंटियां इस बात की भी तस्दीक करती हैं कि यहां कितने भारी पैमाने पर लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं। खास बात है कि इन घंटियों को मन्दिर प्रशासन गलाकर, बेचकर या फिर दूसरे कार्यों में इस्तेमाल नहीं करता। इसे भगवान की धरोहर मानकर सहेजा जाता रहा है।
 
 
मंदिर प्रांगण में जो घंटियां नजर आती हैं, असल में उनकी संख्या और भी ज्यादा है, जिन्हें क्रमवार निकाल कर सुरिक्षत रखा जाता है। इससे मंदिर में और घंटे-घंटियां लगाने की जगह बनी रहती है। गोलू देवता को उत्तराखण्ड में न्याय का देवता कहा जाता है। इनके बारे में यह मान्यता है कि जिसको कहीं पर भी न्याय नहीं मिले, वह इनके दरबार में अर्जी लगाये तो उसे तुरन्त न्याय मिल जाता है। यही वजह है कि मंदिर में अर्जियां लगाने की भी परम्परा है। कोने-कोने से आये श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए बड़ी संख्या में अर्जियां लिखकर यहां टांग जाते हैं, जिन्हें मन्दिर में देखा जा सकता है।
 
कहा जाता है कि इन अर्जियों को पढ़कर गोलू देवता मनोकामना पूर्ण करते हैं और श्रद्धास्वरूप भक्त यहां घंटियां चढ़ाते हैं। यही वजह है कि इस मन्दिर को कई लोग अर्जियों वाला मन्दिर भी पुकारते हैं।

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