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अरे भईया, 1 हजार आबादी वाले इस गांव में इतनी ‘शांति’ क्यों हैं?

Reported by nationalvoice , Edited by sidharth-chaurasiya , Last Updated: Dec 20 2016 3:37PM
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अलीगढ़ : आमतौर पर ऐसा होता है कि एक ही नाम के एक गांव में कुछ लोग ही होते हैं, लेकिन अगर ऐसा हो जाए कि एक ही नाम के लोग एक गांव में 20 से 30 हो जाए तो जरूर अचंभा होता है। जी हां, ऐसा ही कुछ देखने को मिला है कि जवां ब्लॉक के गांव फरीदपुर ततारगढ़ी में। दरअसल, इस गांव में 20 महिलाओं का नाम ‘शांति’ है और इन सभी महिलाओं के नाम पर प्रशासन द्वारा राशन कार्ड जारी किया गया है।
 
वहीं जब खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा सर्वेक्षण कराया गया तो रिपोर्ट में सिर्फ तीन महिलाएं शांति नाम की मिली। जांच में ये भी पता चला कि यह सब राशन वितरण में घालमेल के लिए किया गया था। आपको बता दें कि एक हजार की आबादी वाले इस गांव का 17 साल से रवेंद्र पाल सिंह राशन डीलर है। छह माह पहले तक 304 राशन कार्डधारक थे, जिनमें 20 की मां का नाम शांति देवी था। सभी को राशन भी बांटा जा रहा था।
 
आपूर्ति विभाग ने डेढ़ माह पहले पात्र व अपात्र कार्डधारकों को चिह्नित करने के लिए सर्वे कराया तो चौकाने वाले आंकड़े निकले। जिन 20 कार्डों में शांति देवी का नाम था, उनमें से तीन महिलाएं ही इस नाम की मिलीं। कुछ ऐसे लोगों के कार्ड भी मिले, जिनकी कई साल पहले मौत हो चुकी है। कुछ कार्ड ऐसे भी थे, जिनके धारक गांव में रहते ही नहीं हैं। सर्वे के बाद कार्डधारकों की सूची में संशोधन के आदेश हुए। नई सूची बनी तो इसमें भी खेल किया गया। कई ऐसे लोगों को सूची में शामिल कर दिया गया, जिनके पास 40 बीघा जमीन है।
 
नियमानुसार पांच बीघा से ज्यादा जमीन का मालिक राशनकार्ड धारक नहीं हो सकता। राशन डीलर रवेंद्रपाल सिंह ने बताया कि गांव में जितनी शांति हैं, उनके ही नाम सूची में हैं। रिकवरी के लिए जवाब दूंगा।
 
रिकवरी पर अड़े गांववाले : घालमेल का पर्दाफाश होने के बाद गांव वालों ने जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) से मुलाकात कर डीलर का लाइसेंस निरस्त कर रिकवरी की मांग की। डीएसओ नीरज कुमार सिंह ने बताया कि अगर राशन डीलर ने फर्जीवाड़ा कर राशन लिया है तो इसकी रिकवरी होगी।

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