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उत्तराखंड के बंजर भूमि को रोम तकनीक से बनाया जाएगा हरा-भरा

Reported by nationalvoice , Edited by Hrishikesh Kashyap , Last Updated: Jul 5 2017 3:19PM
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अल्मोड़ाः उत्तराखंड में तेजी से भूमि के बंजर होने का मामला सामने आ रहा है। जिसको लेकर केंद्र और राज्य दोनों चिंतित हैं। बंजर हो रही भूमि को हरा-भरा बनाने के लिए उत्तराखंड को देश के पहले राज्य के तौर पर चुना गया है, जहां रोम तकनीक के सहारे फिर से हरियाली लाई जाएगी।

दरअसल, उत्तराखंड में प्राकृतिक और मानव जनित कारणों से बड़े पैमाने पर जमीनों के बंजर होने का सिलसिला जारी है। ऐसे में अब बंजर हो रही भूमि को 'रोम' तकनीक हरा-भरा करेगी।

आपको बता दें कि रोम तकनीक को आइयूसीएन जेनेवा ने विश्व में मरुस्थलों में हरियाली लाने के लिए इजाद किया है। इसका परीक्षण भारत में भी होगा और इसके लिए उत्तराखंड राज्य को चुना गया है। परीक्षण का दायित्व जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान अल्मोड़ा को सौंपा है।

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आखिर रोम तकनीक है क्या

रोम का तात्पर्य 'रेस्टारेशन अपा‌र्च्युनिटीज एसेसमेंट मैथेडालॉजी' है। इसमें पहले बंजर भूमि का बारीकी से अध्ययन होगा। संपूर्ण अध्ययन में देखा जाएगा कि पूर्व में उस भूमि पर हुए कार्यो में मिली असफलता, सफलता व पूर्व की गलतियों को परखा जाएगा। इसके बाद संभावनाओं को तलाशा जाएगा। इसके बाद संबंधित क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार विकासात्मक कार्य आरंभ होंगे। ठोस कार्ययोजना के तहत उस भूमि पर जल एवं मिट्टी का संरक्षण के साथ पौधरोपण होगा।

इसके साथ ही दिसंबर तक इस बात का अध्ययन होगा कि राज्य में कितनी जमीन बंजर है। इसके बाद पिथौरागढ़ व पौढ़ी जिले में बंजर भूमि को हरा-भरा करने का इस तकनीक से परीक्षण होगा। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट व कार्ययोजना बनाकर आइयूसीएन को भेजी जाएगी।

 


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