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स्कूल बैग के बजाय ई-रिक्शा का बोझ संभाल रहे हैं नौनिहाल

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Sep 14 2017 7:45PM
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लखनऊ. उत्तर  प्रदेश सरकार जहां शिक्षा के क्षेत्र में नए-नए कदम उठा रही है और जहां गरीब तबके के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देने का उत्तरदायित्व निभाने का प्रयास कर रही है. शिक्षा के क्षेत्र में अभ्यर्थियों को नए नए अवसर दे रही है वही उत्तर प्रदेश में मासूम बच्चों को स्कूल बैग की जगह  ई रिक्शा का बोझ उठाना पड़ रहा है. 
 
साथ ही साथ उत्तर प्रदेश यातायात पुलिस जहां यातायात व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बनाने में लगातार कड़े प्रयास कर रही है वहीं ई- रिक्शा चालकों के साथ साथ ई- रिक्शा चलाने वाले बच्चे भी यातायात पुलिस की नाक के नीचे बेखौफ रिक्शा चला रहे हैं जी हां-ऐसा ही एक नजारा घाटमपुर के चौराहे पर देखने को मिला जहां एक दस से बारह साल का मासूम ई रिक्शा चला रहा था जब कि ट्राफिक पुलिस बूथ चंद कदम की दूरी पर है.
 
नेशनल वॉइस की टीम ने जैसे ही उस मासूम को कैमरे में कैद किया वैसे ही मासूम ई रिक्शा चलाक ई रिक्शा लेकर भागने लगा ..इस मामले ने यातायात पुलिस पर कई सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं  सवाल यह भी आता है कि यातायात का उल्लंघन करने में अगर पुलिस तुरंत कार्यवाही करती है तो नाबालिग के रिक्शा चलाने पर यातायात पुलिस हाथ पर हाथ धरे कैसे बैठी रही .अगर  यातायात पुलिस का रवैया इसी तरह डावांडोल रहा तो यातायात व्यवस्था आने वाले समय मे चरमरा जाएगी और यातायात पुलिस को ई-रिक्शा चालकों के साथ साथ अब ई-रिक्शा चला रहे मासूम बच्चों का भी सामना करना पड़ेगा जो पुलिस के लिए चिंता का विषय है और राहगीरों के लिए सुरक्षा का मुद्दा है.

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