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खुले में शौच से मुक्ति के लिए डीएम साहब खुद कर रहे मजदूरी

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Oct 11 2017 4:35PM
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कन्नौज. जिले के उमर्दा क्षेत्र के रामपुर मझिला गाँव में बुनियाद खोदते, गड्ढा खोदते, कन्नी बसूली लेकर ईंटों की चुनाई करते नज़र आने वाला व्यक्ति कोई मामूली शख्सियत नहीं बल्कि एक आईएएस अधिकारी यानी कन्नौज के जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद हैं. इनके साथ ही मजदूर की भूमिका निभा रहे लोग भी जनपद कन्नौज विकास विभाग के बड़े अधिकारी हैं.

जनपद को माह दिसम्बर के अंत तक खुले में शौच मुक्त बनाने का समय निर्धारित है, लेकिन जिला प्रशासन के सामने शौचालय निर्माण का एक बड़ा लक्ष्य मौजूद है. जिलाधिकारी को खुद फावड़ा चलाते और गड्ढे खोदते देख कर अधीनस्थ अधिकारी सतर्क हैं, लेकिन जिलाधिकारी की इस खास भूमिका ने आम जनमानस को उनका भक्त बना दिया है.

शौचालय निर्माण को लेकर तमाम तरह के भ्रष्टाचार की शिकायत आती रही हैं और  ग्रामीण स्तर फैले इस भ्रष्टाचार के लिए ग्राम प्रधान और ग्राम विकास सचिवों की मिली भगत को जिम्मेदार बताया जाता रहा है. यही भ्रष्टाचार जनपद में खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ ) योजना को अभी तक फिसड्डी रक्खे हुए था. लगता है इन्हीं सब कारणों से जिलाधिकारी ने कमान खुद सम्हाली है.

बेशक उनकी रणनीति खुद फावड़ा लेकर  गड्ढे खोदना ,ईंटें जोड़ना अधीनस्थों की काम के प्रति सोयी हुयी भूमिका को सक्रियता प्रदान करने में कामियाब हुई है,  लेकिन अब  जनपद को ‘खुले में शौच से मुक्त’ योजना एक आंदोलन का रूप लेती जा रही है. अब  आम लोगों को भी लग रहा है कि शौचालय निर्माण का काम गति पकड़ गया है. इसलिए जिलाधिकारी भी जनपद को माह दिसम्बर तक खुले में शौच से मुक्ति मिल जाने के प्रति आश्वस्त नज़र आने लगे  हैं.


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