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भाजपा नेता की सिफारिश पर जेल से रिहा हो गए गधे

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Nov 27 2017 5:50PM
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जालौन. कारागार से अब तक हत्या, लूट, बलात्कार और अन्य जघन्य अपराध करने वालों को बंद होते और रिहा होते देखा गया है लेकिन जालौन में लोगों ने गधों को जेल में बंद होते और उनकी रिहाई होते देखा है. ऐसा अजीबो-गरीबो मामला जालौन के जिला कारागार उरई में देखने को मिला. जहां पर जेल में बंद 8 गधों को रिहा किया गया.

उरई जेल में गधों को तब बंद किया गया. जब जेल की सम्पत्ति को गधों ने क्षति पहुंचा दी थी. बताया गया है कि उरई जिला कारागार प्रशासन ने कुछ दिन पहले 5 लाख रुपये के पेड़ मंगाये थे. जिन्हें जेल में लगाया जा सके. लेकिन जेल के बाहर घूमने वाले गधों ने पेड़ों को नष्ट कर दिया. जब इस बात की जानकारी जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा को हुई तो उन्होंने गधे के मालिकों से उन गधों को हटाने के लिये कहा लेकिन कोई भी नहीं माना तो जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा ने उन्हें जेल में बंद करने का फरमान दे दिया.

गधों की  जेल में बंद होने की सूचना जब गधा मालिकों को हुई वह जेल अधीक्षक के पास पहुंचे और उन्होंने जेल अधीक्षक से अपने गधे छोड़ने की बात कही लेकिन जब जेल अधीक्षक नहीं माने तो गधा मालिक कमलेश 4 दिन बाद भाजपा नेता शक्ति गहोई के साथ परवाना लेकर जेल पहुंचे. जहां परवान भरा जाने के बाद उन 8 गधों को छोड़ा गया. गधा मालिक कमलेश ने बताया कि उनके गधे 4 दिन से बंद है.

उसने बताया कि जेल की कुछ सम्पत्ति नष्ट करने पर उन्हें बंद कर दिया था. वह भाजपा नेता को लेकर अपने गधे छुड़ाने आये हैं. वहीं जेल के अंदर परवाना लेकर गये भाजपा नेता शक्ति गहोई जब बाहर आये और उनसे जब इस बारे में पूछा तो वह मुकर गये और उन्होंने बताया कि वह जेल में अपने मित्र से मिलने गये थे.

वहीं इस मामले में जेल में तैनात हेड कांस्टेबल आरके मिश्रा  का कहना कि जेल की सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने पर गधे को बंद किया था और कुछ नेता जेल आये थे लेकिन परवाना भराकर छोड़ दिया. प्रत्यक्षदर्शी इकबाल का कहना है कि उन्होंने पहली बार ऐसा देखा कि जेल से गधों को छोड़ा जा रहा है.


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