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विधायक निधि भी खर्च नहीं कर पाते उत्तराखंड के विधायक

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Feb 22 2018 7:23PM
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देहरादून. उत्तराखंड के विधायक ही नहीं कैबिनेट मंत्री भी विधायक निधि खर्च करने में ही फिसड्डी हैं. सूचना के अधिकार से मिली जानकारी के मुताबिक़, विधायक निधि खर्च करने में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत सबसे आगे हैं. जिन्होंने 50 प्रतिशत विधायक निधि खर्च कर दी है, लेकिन सीएम की टीम ने विधायक निधि खर्च करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है. सूचना के अधिकार से मिली जानकारी के मुताबिक, जनता के विकास के लिए दिए जाने वाली विधायक निधि को कैबिनेट मंत्री खर्च करने में कतई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं.

विधायक निधि खर्च मामले में सूबे के बड़े पोर्टफोलियो वाले मंत्री भी इसमें फिसड्डी साबित हो रहे हैं. वित्त मंत्री प्रकाश पंत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, शिक्षा मंत्री अरविन्द पांडेय, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री, धन सिंह रावत और महिला विकास मंत्री रेखा आर्य को नहीं लगता कि विकास के लिए मिलने वाला पैसा जनता पर खर्च किया जाना चाहिए. उत्तराखंड में 88 प्रतिशत विधायक निधि खर्च नहीं हो सकी है.  जिसमें 21 विधायकों की विधायक निधि का एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ. अफ़सोस की बात यह है कि  विधायक निधि खर्च करने में उत्तराखंड के नये विधायक रूचि नहीं दिखा रहे हैं. सूचना के अधिकार  से मिली जानकरी के मुताबिक  अभी तक 171 करोड़ से अधिक की विधायक निधि खर्च होने को शेष  है.

अक्सर चुनावों में देखने को मिलता है कि जनप्रतिनिधि सूबे में विकास का रोना लेकर जनता से वोट मांगते हैं लेकिन आपको पता है कि विधायकों को मिलने वाली करोड़ों की वह विधायक निधि जो जनता के विकास पर खर्च करनी चाहिए वह खर्च नहीं करते  हैं.

आरटीआई कार्यकर्ता नदीमउद्दीन को ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना से यह सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है. सूचना के अनुसार उत्तराखंड के 71 विधायकों को 2.75 करोड़  रुपये प्रति विधायक की दर से 195 करोड़ रुपये की विधायक निधि वित्तीय वर्ष 2017-18 में उपलब्ध करायी गयी. दिसम्बर 2017 तक इसमें से केवल 23 करोड़ से ज्यादा  की धनराशि ही खर्च हुई. 171 करोड़ से अधिक की विधायक निधि की धनराशि जनवरी 2018 के शुरू में खर्च होने को शेष है.

उत्तराखंड के 71 विधायकों में 21 विधायक ऐसे हैं जिनका पूरे वर्ष 2017 में विधायक निधि का एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ. 7 विधायकों की केवल एक प्रतिशत, दो विधायकों  की दो प्रतिशत, दो विधायकों की तीन प्रतिशत, दो विधायकों की 4 प्रतिशत, 3 विधायकों की 5 प्रतिशत, 7 विधायकों की 6 से 10 प्रतिशत ही विधायक निधि खर्च हुई. 12 विधायकों की 11 से 20 प्रतिशत, 6 विधायकों की 21 से 30 प्रतिशत, एक विधायक की 31 से 40 प्रतिशत, 6 विधायकों की 41 से 50 प्रतिशत विधायक निधि खर्च हुई. केवल दो विधायकों की 50 प्रतिशत से अधिक विधायक निधि खर्च हुई है.

64 प्रतिशत सर्वाधिक विधायक निधि खर्च करने वाले नामित विधायक जी.आई.जी.मैन 63 प्रतिशत खर्च वाले पुरौला विधायक राज कुमार हैं. विधायक निधि खर्च के मामले में भाजपा के विधायको ने जवाब दिया है. उन्होंने इसकी गलती के लिए निर्माण एजेंसियों को कसूरवार ठहराया है. प्रदेश में विधायकों का साफ तौर पर कहना है कि काम को लेकर कार्य एजेन्सियों की रफ्तार इतनी सुस्त है, जिसके लिए विधायकों को कसूरवार नहीं ठहराया जाना चाहिए.


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