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पाकिस्तान ने ब्लैक लिस्ट होने से बचने के लिए FATF से किए ये वादे

Reported by nationalvoice , Edited by avinash , Last Updated: Jun 28 2018 6:28PM
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दिल्ली. फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को एक बार फिर से ग्रे लिस्ट में बरकरार रखने का फ़ैसला किया है.  
 
'ग्रे सूची' में डाले जाने के बाद आतंकवाद को पालने वाला पाकिस्तान बौखलाहट में भारत पर उल्टा आरोप लगा रहा है. पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहम्मद आजम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एफएटीएफ पर अमेरिका और भारत का अत्यधिक दबाव है. आजम ने आगे कहा कि इन देशों ने चीन और सऊदी अरब पर भी दबाव डाला है कि वह पाकिस्तान की मदद ना करें और ना ही इस मामले में कोई हस्तक्षेप करें.
 
पाकिस्तान ने एफएटीएफ द्वारा ब्लैक लिस्ट में डाले जाने से बचने के लिए 28 सूत्री योजना लागू करने का ऐलान किया है. इसके तहत उसने आईएस, अलकायदा, लश्कर ए ताइबा, जैश ए मोहम्मद, हक्कानी नेटवर्क, जमात उद दावा (जेयूडी) एवं इसकी सहयोगी फलाह ए इंसानियत और तालिबान से संबद्धित व्यक्तियों को वित्तीय मदद रोकने का प्रस्ताव दिया है. पाकिस्तान ने इसे लागू करने के लिए 15 महीने का समय मांगा है.
 
बता दें कि 24-29 जून के बीच पेरिस में एफएटीएफ की 6 दिवसीय बैठक हो रही है. एफएटीएफ शुक्रवार को पाकिस्तान की कार्ययोजना पर अपना आख़िरी फैसला सुनाएगा. अगर एफएटीएफ पाकिस्तान के प्रस्ताव को खारिज कर देता है तो उसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा.
 
1989 में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था को मनी लांड्रिंग और आतंकी फंडिंग जैसे खतरों से बचाने के लिए दुनिया के 37 देशों ने मिलकर एफएटीएफ गठन किया था. 

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