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अदालत से निदा खान को मिली बड़ी जीत

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jul 18 2018 9:40PM
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बरेली. भले ही 3 तलाक़ और हलाला पर अभी कानून नहीं बना है, लेकिन सरकार संसद के इसी सत्र में कानून बनाना चाहती है. बरेली के जनपद न्यायालय से निदा को इस बीच बड़ी जीत हासिल हुई है. कोर्ट ने 3 तलाक़ को खारिज कर दिया है. चर्चित आला हजरत खानदान की बहू निदा खान प्रकरण में अदालत से निदा खान को मिले 3 तलाक़ को अदालत ने खारिज कर दिया है और निदा के पति पर घरेलू हिंसा का मुकदमा चलाने के आदेश दिया है.

निदा प्रकरण में अदालत ने जो फ़ैसला सुनाया है. वह धर्म के ठेकेदारों के मुंह पर करारा तमाचा है. निदा आला हजरत खानदान की बहू है और उन्हें शादी के कुछ समय बाद ही दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा और मांग पूरी नहीं होने पर उन्हें 3 बार तलाक़, तलाक़, तलाक़ कहकर घर से मारपीट कर निकाल दिया गया.

बावजूद इसके निदा डरी नहीं और उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जहां से उसे पहली जीत हासिल हुई. निदा ने पति शीरान रजा खां के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस दायर किया था. जिसमें निदा के पति शीरान ने कोर्ट में यह कहा था कि उन्होंने निदा को तलाक़ दे दिया है इसलिए उन पर कोई केस नहीं बनता है. जिस पर एसीजेएम प्रथम की अदालत ने मंगलवार को शीरान की अर्जी को खारिज कर दिया.

अदालत ने अपने फैसले में 3 तलाक़ को अमान्य कर दिया. अदालत ने सुप्रीम कोर्ट की नजीर देते हुए कहा कि कानून में हिन्दू महिला और मुस्लिम महिला में फर्क नहीं किया गया है. घरेलू हिंसा को धर्म के आधार पर नहीं देखना चाहिए. अदालत ने शीरान की आपत्ति को खारिज करते हुए उस पर घरेलू हिंसा का केस चलाने के आदेश जारी कर दिया.

धर्म के ठेकेदारों ने तो निदा की आवाज को दबाने की पूरी कोशिश की. निदा ने जब अपने साथ-साथ अपने जैसी तमाम 3 तलाक़, हलाला और बहुविवाह से पीड़ित महिलाओं की आवाज बुलंद की. उनका साथ दिया तो धर्मगुरुओं की दुकानें चलना बन्द हो गईं. यह उन लोगों को नागवार गुजरा तो उन्होंने निदा के खिलाफ फतवा जारी कर दिया. निदा को इस्लाम से खारिज कर दिया गया. निदा का हुक्का पानी तक बन्द कर दिया गया. यहां तक निदा से मिलने जुलने वाले भी इस्लाम से खारिज कर दिये जाने की बात कही गई.

फतवे में कहा गया कि निदा के बीमार पड़ने पर कोई उसे दवा नहीं देगा. उसके मरने पर उसे कब्रिस्तान में दफनाया नहीं जाएगा. उसकी मौत में कोई शामिल नहीं होगा. निदा के खिलाफ जब इस तरह का फतवा जारी हुआ तो वह डरी नहीं बल्कि उसकी ताकत और बढ़ गई. उसने कहा कि वह ऐसे लोगों के खिलाफ झुकने वाली नहीं है.

बारादरी के पुराना शहर के मुहल्ला शाहदाना निवासी निदा खान की शादी 16 जुलाई 2015 को आला हजरत खानदान के उसमान रजा खां उर्फ अंजुम मियां के बेटे शीरान रजा खां से हुआ थी. अंजुम मियां आल इंडिया इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां के सगे भाई हैं. निदा का कहना है कि शादी के बाद से ही उसके साथ मारपीट की गई. जिससे उसका गर्भपात हो गया. शौहर शीरान रजा खां ने 5 फरवरी 2016 को 3 तलाक़ देकर घर से निकाल दिया.


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