आप यहां हैं : होम» राज्य

एसआईटी से नहीं होगी ग्राम प्रधानों की जांच

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Sep 7 2018 6:46PM
nishank_201897184614.JPG

हिमांशु चौहान

हरिद्वार. उत्तराखंड प्रदेश की बीजेपी सरकार द्वारा प्रदेश के सभी ग्राम प्रधानों की जांच एसआईटी से कराए जाने के निर्णय पर प्रदेश के सभी ग्राम प्रधानों में काफी रोष है और प्रदेश भर में ग्राम प्रधान सभी मंत्रियों और नेताओं से निर्णय वापसी लेने के बारे में मुलाकात कर रहे हैं.

कल भी हरिद्वार में ग्राम प्रधानों का एक प्रतिनिधि मंडल हरिद्वार के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक से मिला था और मांग की थी कि निर्णय को जल्द वापस लिया जाए. इसी क्रम में आज सांसद निशंक ने मंत्री अरविंद पांडे से मुलाकात की. अरविंद पांडे ने सांसद मिशन को एसआईटी से जांच कराने के निर्णय में संशोधन की बात कही है और किसी भी ग्राम प्रधान के खिलाफ शिकायत मिलने पर ही विभाग द्वारा जांच कराए जाने का आश्वासन दिया है.

हरिद्वार से बीजेपी सांसद रमेश पोखरियाल निशंक का कहना है कि पूरे प्रदेश में ग्राम प्रधानों में एसआईटी द्वारा जांच का निर्णय लेने के बाद भय का माहौल है. इसी को देखते हुए ग्राम प्रधानों का एक प्रतिनिधिमंडल मेरे से मिलने आया था और निर्णय वापसी लेने के लिए मुझसे आग्रह किया था. आज मैंने मंत्री जी से इस मामले में बात की है. मंत्री ने मेरी बात को सुना है और मंत्री आश्वासन दिया है अब अगर किसी ग्राम प्रधान के खिलाफ शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ जांच की जाएगी पहले इसमें विभागीय जांच की जाएगी. हल न निकलने पर एसआईटी से भी बाद में जांच कराई जा सकती है.

हरिद्वार के ग्राम प्रधान सरकार द्वारा निर्णय लेने पर सरकार को बधाई दे रहे हैं. हरिद्वार में ग्राम प्रधानों के प्रतिनिधि का कहना है कि क्षेत्र में 308 ग्राम पंचायत हैं. करीब 200 से ज्यादा ग्राम प्रधानों ने प्रदेश सरकार के एसआईटी जांच निर्णय को लेकर सांसद निशंक से मुलाकात की थी. निशंक द्वारा संबंधित मंत्री से वार्तालाप की गई. ग्राम प्रधानों की जांच के मामले में सरकार ने जो निर्णय लिया है वह स्वागत योग्य है.


देश-दुनिया की अन्य खबरों और लगातार अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं।