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सड़क पर ही मर गई महिला मगर नहीं आई एम्बूलेंस

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Sep 16 2018 2:00PM
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बरेली. अगर आप किसी बीमार को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल कर रहे हैं तो जरा संभलकर करिएगा. ऐसा न हो कि एंबुलेंस तो आए नहीं और उससे पहले बीमार को मौत आ जाए. और आपसे कहा जाए कि यह एंबुलेंस सेवा किसी पागल के लिए नहीं है. यहाँ एम्बूलेंस के लिए डेढ़ से 2 घंटे इंतजार तो करना ही पड़ेगा.

जी हां बरेली में एक ऐसा ही मामला सामने आया है. जहां सड़क किनारे लावारिस हालत में बीमार पड़ी महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए जब 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल की गई तो उधर से जवाब आया  कि यह एंबुलेंस सेवा पागलों के लिए नहीं है. जब उसे बताया गया  कि वह पागल नहीं बीमार है. तो डेढ़ से 2 घंटे इंतजार करने को कहा गया. लंबे इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची पर सड़क किनारे पड़ी महिला की मौत हो गई.

108 को कॉल करने वाले व्यक्ति ने कॉल रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. महिला की मौत के बाद पुलिस ने  अज्ञात महिला के शव को  पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कह रहे हैं.

उत्तर प्रदेश की 108 एम्बुलेंस सेवा की हकीकत कस्टमर केयर अधिकारी और फोन करने वाले के बीच की बातचीत को सुनकर सामने आ जाती है. सड़क पर घायल पड़ी महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए एक व्यक्ति एम्बूलेंस को फोन करता है और कस्टमर केयर अधिकारी को बताता है कि एक महिला सड़क पर घायल पड़ी है. उसे अस्पताल पहुंचाना है तो उससे कहा जाता है कि पागल के लिए एंबुलेंस सेवा नहीं है. जब उसे यह बताया जाता है कि महिला पागल नहीं गंभीर रूप से बीमार है तो डेढ़ से 2 घंटे इंतजार कर फिर कॉल करने को कहा गया. जबकि बरेली जिला अस्पताल में जीवीके कंपनी के 27 एम्बुलेंस 108 के लिये हैं और 102 के लिये 43 एम्बुलेंस हैं.

बीमारी के बाद मौत से जंग लड़ रही बीमार महिला को 2 घंटे तक इंतजार करने की बात कही जाती है. इससे पता चलता है कि यूपी सरकार की 108 सेवा किस तरह काम कर रही है.

बरेली के बीचो बीच किला थाना क्षेत्र के सिटी स्टेशन के सामने सड़क किनारे लावारिस महिला पड़ी थी. जो प्रथम दृष्टया गंभीर बीमार लग रही थी. सड़क किनारे महिला को तड़पता देख प्रवीण नाम के एक व्यक्ति ने 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल की. तो जो जवाब मिला उसे सुनकर वह दंग रह गया. प्रवीण ने बताया कि 108 एम्बुलेंस सेवा की तरफ से  बीमार महिला को अस्पताल पहुंचाने के बजाय एंबुलेंस कस्टमर केयर से कहा गया कि 108 सेवा पागल मरीजों के लिए नहीं है. जब 108 के कस्टमर केयर अधिकारी को बताएगा कि वह गंभीर बीमार है, तो डेढ़ से 2 घंटे एंबुलेंस बिजी होने की बात बटाई गई. फिर कॉल करने की बात कही गई.

प्रवीण ने दोबारा सिर्फ 108 एंबुलेंस सेवा के कस्टमर केयर को कॉल किया तो फिर वही जवाब मिला एम्बूलेंस बिजी है. अभी नहीं आ सकती. बीमार महिला सड़क के किनारे कई घंटों तक पड़ी रही पर कोई एंबुलेंस उसको लेने नहीं आई. आखिरकार महिला मौत से जंग हार गई और सड़क किनारे पड़े पड़े उसने दम तोड़ दिया.

अगर समय पर 108 एंबुलेंस सेवा मिल जाती तो महिला की सड़क किनारे मौत न होती. सबसे बड़ी बात यह है जिस जगह महिला पड़ी थी उधर से हजारों लोग निकल रहे थे और जिला अस्पताल की दूरी लगभग डेढ़ किलोमीटर की होगी. उसके बावजूद 108 एंबुलेंस सेवा से एंबुलेंस नहीं पहुंची समय पर इलाज न मिलने के कारण महिला की सड़क किनारे ही मौत हो गई. महिला की मौत के बाद 108 एंबुलेंस का इंतजार ही रह गया.

वहीं 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल करने वाले प्रवीण ने 108 कस्टमर केयर और अपने बीच हुई बातचीत की ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई नहीं पहुंचा. जब इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बात की गई. तो उन्होंने जांच कर कार्रवाई की बात कही.


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