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जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही हैं रोडवेज़ की बसें

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Sep 19 2018 3:25PM
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शुभम गंभीर

काशीपुर. अगर आप काशीपुर डिपो की बसों से सफर करने जा रहे हैं तो आप अपनी सुरक्षा के इंतजाम खुद कर लें, क्योंकि इन बसों में न तो हादसों को रोकने के लिए कोई उपकरण हैं. न ही हादसों के बाद फौरी राहत के लिए कोई उपकरण. इन बसों में यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है.

बसों में अग्निशमन यंत्र नहीं हैं. बिना फर्स्ट एड किट के चल रही हैं बसें. सफर से पहले सावधान हो जाने की ज़रुरत है. काशीपुर डिपो की इन रोडवेज बसों में सफर करने से पहले अपनी जान की सुरक्षा के लिए आश्वस्त हो लें. क्योंकि इन बसों में न तो आग बुझाने से निपटने का कोई इंतजाम है और न ही किसी हादसे के बाद फौरी राहत के लिए तो फर्स्ट ऐड किट ही इन बसों में मौजूद है.

परिवहन विभाग की लापरवाही से आप की जान भगवान भरोसे ही है. हालांकि कुछ बसों में फर्स्ट एड किट तो है, लेकिन उनके अंदर रखी दवाएं एक्सपायर हो चुकी हैं. ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा का अंदाजा आप खुद ही लगा सकते हैं.

काशीपुर डिपो से चल रही 35 बसों में यात्रियों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं. यहां से उत्तराखंड, यूपी, चंडीगढ़, दिल्ली सहित दूसरे राज्यों के लिए बसें चलती हैं. जिनमें हजारों यात्री रोज सफर करते हैं. बसों में फर्स्ट एड किट होना अनिवार्य है, लेकिन जब फर्स्ट एड किट पर सवाल किया गया. तो कंडेक्टर ने सीधे तौर पर विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदार बता दिया है. काशीपुर डीपो के एआरएम इन्द्रासन का दावा अपने ही कर्मचारी के बयान के खिलाफ जा रहा है.

यात्रियों को सुविधा देने के लिए परिवहन विभाग लगातार प्रयास तो कर रहा है लेकिन विभागीय अधिकारी और कर्मचारी नीतियों पर जमकर पलीता लगा रहे हैं. जिसका नतीजा है कि परिवहन विभाग की बसें बिना फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र के चल रही हैं. जिसकी ओर न तो विभागीय अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही प्रशासन. जिसका नतीजा है कि लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर परिवहन विभाग की बसों में सफर करना पड़ रहा है.

बिना फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र के चल रही काशीपुर डिपो की बसें जनता की सुरक्षा के साथ अनदेखी कर रही हैं. परिवहन विभाग के काशीपुर डिपो से 35 बसें संचालित की जा रही हैं. 35 में से अधिकतर बसें बिना फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र के संचालित हो रही हैं. काशीपुर डिपो की बसें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में संचालित की जा रही हैं. बसों में प्रतिदिन हजारों यात्री सफर कर रहे हैं, और सरकार को मनमाना किराया भी दे रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही इस कदर बढ़ गई है कि उन्हें यात्रियों की सुरक्षा का जरा भी ध्यान नहीं है.

जिसका नतीजा है कि काशीपुर डिपो की बसों में बिना फर्स्ट एड किट के चल रही है. जिससे बसों में यात्रा करने वाले यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं. यात्रियों का कहना है कि बसों के परिचालकों के पास फर्स्ट एड किट होना अनिवार्य है. यदि कोई बड़ा हादसा घटित होता है तो उस समय यात्रियों को सुविधा कैसे दी जाएगी.

जब इस मामले में परिवहन विभाग के परिचालकों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके डिपो में फर्स्ट एड किट की कमी है और उन्हें फर्स्ट एड किट के नाम पर खाली डिब्बे पकड़ा दिए जाते हैं. जब इस मामले में काशीपुर डिपो के एआरएम इंद्रासन से जवाब मांगा गया तो उन्होंने कहा कि काशीपुर डिपो के पास पर्याप्त मात्रा में फर्स्ट एड किट मौजूद हैं. यदि कोई परिचालक फर्स्ट एड किट नहीं लेकर जा रहा है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि 35 में से 15 बसों में अग्निशमन यंत्र भी लगे हुए हैं और जिन बसों के अग्निशमन यंत्र अपनी निर्धारित तिथि पूरी कर चुके हैं. उन्हें सही करवाने के लिए भेज दिया गया है.

यात्रियों की सुरक्षा का वादा करने वाला परिवहन विभाग आज उन्हीं की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने से पीछे नहीं हट रहा है. यदि सरकार के अधीनस्थ ही जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करेंगे, तो आखिर जनता की सुरक्षा कौन करेगा, यह एक सवाल परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है. अब देखने की बात है कि क्या परिवहन विभाग के अधिकारी जनता की सुरक्षा के लिए कोई ठोस रणनीति तैयार कर पाएंगे.


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