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पुलिस बल ने कुचला किसानों का दिल्ली कूच, कई किसान घायल

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Oct 2 2018 9:17PM
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नोयडा. किसानों ने मंगलवार को दिल्ली की ओर कूच किया और राष्ट्रीय राजधानी की ओर जाने वाली प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित हो गया. सुरक्षाबलों ने दिल्ली-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर किसानों को रोक दिया. जिसके बाद किसानों ने बैरियर को तोड़ते हुए दिल्ली में घुसने का प्रयास किया. किसानों ने जैसे ही बैरियर को तोड़ा वैसे ही सुरक्षाबलों ने वॉटर कैनन से पानी की तेज़ धार छोड़ने के साथ ही आंसू गैस के गोले दागे. जिसकी वजह से बहुत से किसान जख्मी हो गए.

राष्ट्रीय राजधानी की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोंडा, बस्ती और गोरखपुर जैसे दूर-दराज की जगहों के साथ-साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना क्षेत्र से आये किसानों की भीड़ नजर आ रही थी. उत्तर प्रदेश से लगने वाली सीमा पर स्थित पुलिस चौकियों में निषेधाज्ञा लागू होने के कारण पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने, किसी तरह की सार्वजनिक बैठक आयोजित करने, एम्प्लीफायर, लाउडस्पीकर और इसी तरह के किसी अन्य उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गयी.

23 सितंबर को हरिद्वार से चली किसानों की क्रांति पैदल यात्रा आज दिल्ली यूपी बॉर्डर पर पहुंच गई. किसानों ने दिल्ली में घुसने का प्रयास किया लेकिन दिल्ली पुलिस द्वारा काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था. वहां बैरिकेडिंग लगाई गई थी. हालांकि गाजियाबाद पुलिस ने भी अपनी तरफ से पूरी व्यवस्था कर रखी थी, और किसानों को समझाने का भी प्रयास कर रहे थे, लेकिन किसान बात नहीं माने. वह बैरीकेडिंग तोड़कर दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने का प्रयास किया, लेकिन दिल्ली पुलिस में किसानों के ऊपर आंसू गैस के गोले छोड़ दिए तथा पानी की बौछारें भी कीं.

कई किसानों को इसमें गंभीर चोटें आई हैं. किसान अपनी मांगों को लेकर यूपी गेट पर ही धरने पर बैठ गए. इस संबंध में किसान यूनियन के नेता वह प्रवक्ता राकेश टिकैत से बात की गई तो राकेश टिकैत ने कहा कि हम अपनी मांगों को शांतिपूर्वक मनवाने के लिए किसान घाट जा रहे हैं. जब उनसे कहा गया कि दिल्ली सीमा पूरी तरीके से सील कर दी गई है. आप दिल्ली में नहीं घुस पाएंगे तो राकेश टिकैत ने कहा कि हमारा आंदोलन सफल हो गया है.

उधर दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस लाठीचार्ज का विरोध करते हुए मुज़फ्फरनगर के किसानों ने राष्ट्रीय लोकदल के साथ नेशनल हाई-वे 58 को जाम किया, और एनएच -58 के भैसी कट पर किसानों के साथ जमकर नारेबाज़ी की. आक्रोशित किसानों ने नेशनल हाई-वे को जाम करते हुए अपने ट्रैक्टरों और बाइकों के साथ NH 58 को रोक दिया. इस दौरान नाराज किसानों ने केन्द्र सरकार पर जमकर निशाना साधा.

अपनी माँगो को लेकर मंगलवार को दिल्ली की ओर कूच कर रही किसानों की पद यात्रा को उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर रोककर पुलिस द्वारा उन पर लाठीचार्ज करने और आंसू गैस के गोले छोड़ने से नाराज रालोद के कार्यकर्ताओं ने सैकड़ों किसानों के साथ मिलकर मुज़फ्फरनगर की खतौली तहसील क्षेत्र के दिल्ली देहरादून नेशनल हाईवे 58 को जाम कर जमकर हंगामा काटा. घंटों चले हाईवे पर इस हंगामे के बाद पुलिस अधिकारियों ने बड़ी मशक्कत के बाद किसानों को शांत कराकर हाईवे की व्यवस्था को दुरुस्त कराया, इस मामले में रालोद से जिला अध्यक्ष अजित सिंह राठी ने जानकारी देते हुए बताया की. आज के जाम की कोई घोषणा नहीं थी, लेकिन दिल्ली जाते हुए निहत्थे किसानों पर सरकार द्वारा लाठीचार्ज, पानी की बौछार, आंसू गैस के गोले छोड़े गए. किसानों को दिल्ली नहीं जाने दिया गया. किसानों को इन्होंने क्या आतंकवादी मान लिया. क्या किसान अपनी बात नहीं कह सकता.

अखिलेश ने किया किसानों का समर्थन

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि किसान आंदोलन को समझने के लिए कुछ दिन पहले हुए महाराष्ट्र आंदोलन को समझना पड़ेगा. समाजवादी पार्टी किसान आंदोलन का समर्थन कर रही है. जिस एमएसपी की देने की बात केन्द्र सरकार कर रही है उसकी कोई तैयारी नहीं है. धान की फसल तैयार हो गई है. 50,000 किसान आत्महत्या कर चुके हैं. यूपी में भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं.


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