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पुलिस के हत्थे चढ़ा एटीएम हैकर गैंग

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Oct 8 2018 3:21PM
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गोरखपुर. शातिर एटीएम हैकर गैंग का खुलासा हुआ है. शातिर बदमाश निकेश सिंह को लग्जरी कार समेत गिरफ्तार किया गया है. बदमाश के पास से एक स्कीमर डिवाइस (एटीएम कार्ड स्कैन करने वाली मशीन), सात क्लोन एटीएम कार्ड, दो मोबाइल फोन और नगदी बरामद की गई है. जालसाज के दो साथी चकमा देकर फरार हो गए.

दिलचस्प है कि बदमाश मदद के बहाने लोगों का एटीएम लेकर स्कीमर डिवाइस के जरिए उसकी सारी गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे. बाद में स्कीमर डिवाइस के जरिए हासिल की गयी जानकारी के जरिए एटीएम क्लोन बनाकर जालसाजी किया करते थे. पुलिस ने गैंग सरगना को गिरफ्तार किया है. वहीं मौके से उसे के दो साथी फरार हो गए.

गिरफ्त में आये शातिर बदमाश के पास से सात क्लोन एटीएम, नगदी और कार बरामद हुई. क्राइम ब्रांच और शाहपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है. मामले का खुलासा करते हुये सीओ क्राइम प्रवीण सिंह ने बताया कि कई दिनों से एटीएम  कार्ड का क्लोन बनाने वाले जालसाजों के बारे में शिकायत मिल रही थी. जिस पर क्राइम ब्रांच और शाहपुर पुलिस बदमाशों की गिरफ्तारी में जुटी थी. इसी कड़ी में शाहपुर थाना प्रभारी ने स्वॉट टीम की मदद से पादरी बाजार में स्थित एटीएम के पास एक जालसाज को गिरफ्तार किया था.

पूछताछ में आरोपित की पहचान बिहार, नवादा के हिसुआ थाना क्षेत्र स्थित एकनार गांव निवासी निकेश कुमार सिंह उर्फ मनीष के तौर पर हुई थी. जबकि फरार साथियों का नाम उसने पटना के फतुआ निवासी विमलेश कुमार और भूषण कुमार बताया था. इसके साथ ही पूछताछ में इस बात का भी पता चला कि निकेश और उसके साथियों ने तीन अक्टूबर को गोरखनाथ क्षेत्र में एटीएम कार्ड बदलकर एक व्यक्ति के खाते से 30 हजार रुपये निकाल लिए थे. पूछताछ में उसने घटना को अंजाम देने की बात कबूल की है.

सीओ क्राइम प्रवीण सिंह के मुताबिक निकेश और उसके साथी एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर 100 से अधिक लोगों के खाते से रुपये निकाल चुके हैं. सीओ क्राइम का दावा है कि वाराणसी, लखनऊ, गोरखपुर, दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहरों में उन्होंने घटना को अंजाम दिया है. इसके साथ ही पुलिसिया जांच में पता चला है कि शातिर गैंग के सदस्य फ्लाइट से घूमकर जालसाजी किया करते हैं. निकेश ने पुलिस को बताया कि जालसाजी कर हर महीने गैंग के सदस्य एक से दो लाख रुपये कमा लेते हैं. जिस शहर में घटना को अंजाम देना होता है वहां के बड़े होटल में रुकते हैं.


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