आप यहां हैं : होम» राज्य

स्वामी सानंद के संकल्प को जिन्दा रखने के लिए जारी रहेगा अनशन

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Oct 17 2018 10:02AM
gopal das-3_2018101710211.jpg

हरिद्वार. स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जी.डी. अग्रवाल की एम्स हॉस्पिटल में हुई मृत्यु के कुछ ही दिन बाद नया मामला संत गोपालदास को लेकर सामने आ रहा है. जहां आमरण अनशन पर बैठे संत गोपालदास को आज पुलिस और प्रशासन के अधिकारी वापस मातृ सदन छोड़ गए. आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही संत गोपाल दास को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा ऋषिकेश के एम्स हॉस्पिटल में गंभीर स्वास्थ्य को देखते हुए भर्ती कराया गया था.

गंगा की स्वच्छता, निर्मलता और अविरलता को लेकर वन संरक्षण व स्वामीनाथन आयोग की मांग को लेकर संत गोपालदास 24 जून से आमरण अनशन पर हैं, और इनके द्वारा अपनी मांगों को लेकर लगातार तपस्या जारी है. वहीं स्वामी गोपालदास ने बताया कि एम्स हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट मुझ पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं.

संत के अनुसार मेडिकल सुपरिटेंडेंट यह चाहते थे कि मैं यह बयान दूं कि मुझसे जबरदस्ती अनशन कराया जा रहा है. इतना ही नहीं संत गोपाल दास ने एम्स हॉस्पिटल की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि एम्स हॉस्पिटल उनके लिए सुरक्षित नहीं है. उन्होंने  एम्स हॉस्पिटल में स्वामी सानंद की मृत्यु पर भी सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि एम्स में स्वामी सानंद की मौत स्वाभाविक मौत नहीं है. उनके प्राणों का हनन किया गया है. संत गोपाल दास अब संथारा से तपस्या करेंगे और इसकी शुरुआत इन्होंने आज मौन व्रत से कर दी है.

स्वामी शिवानंद का कहना है कि स्वामी सानन्द को मारा गया है. एम्स के सुपरिटेंडेंट के द्वारा दबाव बनाया जा रहा है. यह किसके इशारे पर हो रहा है यह जांच का विषय है. मातृ सदन तपस्थली है. यहां तप जारी रहेगा. जब तक गंगा स्वच्छ नहीं हो जाती. इनका कहना है कि संथारा तपस्या स्वामी सानंद के संकल्प को जिंदा रखने के लिए की जा रही है.


देश-दुनिया की अन्य खबरों और लगातार अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं।