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रजिस्ट्री कार्यालय में मिलीं अनिमित्तायें तो डीएम ने रोक दिया स्टाफ का वेतन

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Oct 21 2018 9:55AM
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हरिद्वार. जिलाधिकारी अचानक रजिस्ट्री आफिस पहुंच गए तो वहां के कर्मचारी अचंभित हो गए. जिलाधिकारी ने रजिस्ट्री कार्यालय के कागजात देखने शुरू किये तो वह खुद भी हैरान रह गए. यहाँ लोगों को 4 महीने तक भी रजिस्ट्री नहीं दी गई है. यही नहीं रजिस्ट्री कार्यालय में न तो रिकार्ड को उचित तरीके से रखा जा रहा है और न ही रजिस्ट्रियों की हार्ड कॉपी ही रखी जा रही है. जिलाधिकारी दीपक रावत ने दोनों रजिस्ट्रारों सहित कार्यालय के सभी स्टाफ का वेतन रोकने का आदेश दिया है.

उल्लेखनीय है कि हरिद्वार के डीएम ने इससे पहले भी एक बार इसी आफिस पर छापा मारा था, लेकिन जब कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी पहले छापे के बाद भी नहीं सुधरे तभी जिलाधिकारी ने इस बार छापे में एक बार फिर वही गड़बड़ियां पाए जाने पर सख्त रुख अपनाया. फिलहाल डीएम ने एडीएम को इसकी जांच सौंप दी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सबके वेतन पर आगे कोई फैसला लेने की बात कही है.

भ्रष्टाचार के सबसे बड़े अड्डे रजिस्ट्री कार्यालय पर एक बार फिर से जिलाधिकारी की नजर पड़ी है. कुछ महीने पहले भी जिलाधिकारी दीपक रावत ने रजिस्ट्री कार्यालय में छापा मारकर अनियमितताएं पकड़ी थीं. तब उन्होंने रजिस्ट्रार व स्टाफ को चेतावनी देकर छोड़ दिया था. मगर रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारी इसके बाद भी नहीं सुधरे और रजिस्ट्री के नाम पर लोगों का शोषण करते रहे.

शिकायतों के बाद जिलाधिकारी ने फिर रजिस्ट्री कार्यालय का रुख किया और जब वहां पहुंचे तो कार्यालय में भारी गोलमाल नजर आया. दीपक रावत का कहना है कि दोनों रजिस्ट्रार के कार्यालय में कई ऐसी रजिस्ट्रियां पाई गईं जो करीब 2 से 4 महीनों से वहीं पड़ी हुई थीं. जबकि रजिस्ट्रियां ज्यादा से ज्यादा 15 दिन के भीतर रजिस्ट्री करने वाले को दे दी जानी चाहिए थी.

जिलाधिकारी को रजिस्ट्री कार्यालय में एक नहीं अनेक अनियमितताएं मिलीं. रजिस्ट्री कार्यालय में बहु अभिलेखों का रिकार्ड समय से और उचित तरीके से स्कैन करके नहीं रखा जा रहा था. महीनों से रिकार्ड नहीं रखा जा रहा है. इसके अलावा रजिस्ट्रियों की हार्ड कॉपी बनाकर भी नहीं रखी जा रही है. कार्यालय में ज्यादातर काम पेंडिंग में पड़ा हुआ है. डीएम दीपक रावत का कहना है कि इन सब बातों से लगता है कि रजिस्ट्री कार्यालय में पारदर्शिता नहीं है. उन्होंने दोनों रजिस्ट्रारों सहित पूरे स्टाफ का वेतन रोकने और अनुशासनात्मक करवाई करने के आदेश दिए हैं.


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