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स्वामी सानन्द को अनशन के लिए उकसाने वाले की पहचान हो

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Oct 27 2018 4:18PM
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हरिद्वार. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने स्वामी सानंद को अनशन पर बैठे रहने के लिए उकसाने वाले की पहचान करने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. आपको बता दें कि गंगा की रक्षा के लिए अनशन करते हुए पिछले दिनों ऋषिकेश के एम्स हॉस्पिटल में स्वामी सानन्द की मौत हो गई थी.

पूर्व में स्वामी सानंद की मौत को लेकर एम्स के निदेशक ने भी यह आरोप लगाया था कि कोई था जो सानन्द को अनशन नहीं तोड़ने के लिए जबरन दबाव बनाए हुए था. वहीं नरेन्द्र गिरी ने अनशन के बजाय वार्ता से हल निकालने की पैरवी भी की है.

नरेन्द्र गिरी ने बिना नाम लिए मातृ सदन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी शिवानंद पर भी बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने सवाल किया है कि शिवानंद खुद कभी आमरण अनशन पर क्यों नहीं बैठते हैं. हमेशा दूसरों की जान से खिलवाड़ किया जाता है. कभी भी इस बारे में साधु संतों से विचार विमर्श नहीं किया जाता है. आमरण अनशन से पहले साधु संतों से विचार विमर्श किया जाना चाहिए.

नरेन्द्र गिरी ने स्वामी सानंद और अन्य संतों के माँ गंगा के लिए दिए गए प्राणों के बलिदान को भी बलिदान नहीं माना है. नरेन्द्र गिरी ने टिहरी डैम पर भी सवाल उठाये और कहा कि गंगा की अविरल धारा के लिए टिहरी बांध को तोड़ा जाना चाहिए और इसमें वैज्ञानिकों का सहयोग लिया जाना चाहिए. तभी माँ गंगा अविरल बह सकती है. यही नहीं अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेन्द्र गिरी का यह भी कहना है कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना नमामि गंगे को भी बंद कर देना चाहिए. क्योंकि हज़ारों करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी गंगा साफ और स्वच्छ नहीं हो पाई है.

नमामि गंगे योजना से गंगा साफ नहीं होने वाली है. इसमें सबकी जनभागदारी की ज़रुरत है. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेन्द्र गिरी ने राम मंदिर को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. इनका कहना है कि अगर सरकार आम चुनाव से पहले राम मंदिर निर्माण करवाती है तो संत सरकार के साथ है, अन्यथा चुनाव में बीजेपी का विरोध किया जाएगा. नरेन्द्र गिरी का यह भी कहना है कि बीजेपी हिंदुत्व के एजेंडे पर सरकार में आई है न कि विकास के एजेंडे पर राम मंदिर निर्माण जल्द से जल्द होना चाहिए.


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