आप यहां हैं : होम» राज्य

अपनी पहचान को तरस रही है कुम्हार मंडी

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Nov 5 2018 2:11PM
dehradoon-2_2018115141155.jpg

आशीष रमोला

देहरादून. यहाँ की कुम्हार मंडी बड़ी मशहूर थी. यहां बड़ी संख्या में कुम्हार रहते थे. जिनकी चाक कभी रुकती ही नहीं थी, लेकिन आज कुम्हार मंडी अपनी पहचान को तरस रही है. कुम्हारों को अपना जीवन यापन करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. लोगों के रंगीन चाइनीज लाइटों के प्रयोग करने से कुम्हारों पर बड़ा संकट आ पड़ा है, और धीरे-धीरे देहरादून की कुम्हार मंड़ी भी अब लगभग खत्म हो चुकी है.

देहरादून की मशहूर कुम्हार मंडी किसी परिचय की मोहताज नहीं है. यह जानी जाती थी मिट्टी से बने साजो सामान के लिए. कहा जाता था कि यहां के कुम्हारों की चाक कभी रुकती नहीं है, लेकिन बदलते वक्त ने यहां के हालात भी बदल कर रख दिए. यहां कुम्हार तो हैं लेकिन अब बस महज नाम के. बहुत से कुम्हारों ने अब मिट्टी का काम छोड़ दिया है. इसकी बहुत सी वजह हैं. पहली यह कि बदलते दौर के साथ अब इनके सामने कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं.

खासतौर से त्योहारों के सीजन में जैसे कि दीपावली में चाइनीज लाइट्स की प्रतिस्पर्धा से इन्हें मुकाबला करना पड़ रहा है. हालांकि मुकाबले में और मजबूती में यहां के साजो सामान और दिए कम नहीं लेकिन, चकाचौंध की इस दुनिया में इन्हें काफी संघर्ष करना पड़ रहा है. दूसरा यह कि अब युवा पीढ़ी को अपना यह पुश्तैनी काम रास नहीं आ रहा है, क्योंकि जिस तरीके से वक्त बदल रहा है उनके सामने कई चुनौतियां भी खड़ी हो रही हैं. हालांकि त्योहारी सीजन खासतौर से दीपावली के मौके पर इनके पास कुछ काम तो आता है लेकिन बाकी के वक्त इनकी चाक ठंडी पड़ी रहती है. कुछ ने बदलते वक्त के साथ खुद को भी एडजस्ट कर लिया है और अब वह आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल अपने काम के लिए कर रहे हैं, लेकिन सबके लिए यह मशीनें खरीद पाना आसान नहीं है. इन मशीनों से यह कम समय में ज्यादा माल तैयार कर सकते हैं और इसमें ज्यादा मैनपावर की भी जरूरत नहीं है.

मिट्टी से बने साजो सामान बेहद खूबसूरत हैं. खासतौर से दीपावली के वक्त तैयार किए गए रंग बिरंगे दिए ग्राहकों को बहुत आकर्षित करते हैं, लेकिन अपनी ही धरती पर आज इस स्वदेशी को विदेशी सामान से कड़ी प्रतिस्पर्धा भी करनी पड़ रही है, और कई मुश्किलों का भी सामना करना पड़ रहा है, हालांकि इनके चाहने वालों की कोई कमी नहीं है.


देश-दुनिया की अन्य खबरों और लगातार अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं।