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संगम नगरी में विदेशी मेहमानों ने मनाई इको फ्रेंडली दीवाली

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Nov 8 2018 10:48AM
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मनीष त्रिपाठी

इलाहाबाद. पूरे देश में दिवाली की धूम है. ऐसे में संगम नगरी प्रयागराज में भी दिवाली का अनोखा रंग देखने को मिला है. आज हम आपको दिवाली से जुड़ी प्रयागराज की ख़ास खबर दिखा रहे हैं. यहाँ ऐसी दिवाली मनी कि उसके महत्व को सात समंदर दूर से आये सैकड़ों विदेशी पर्यटक समझ रहे हैं.

संगम तट पर बसे क्रिया योग आश्रम में भारी मात्रा में विदेशी श्रद्धालुओं ने दिवाली को इको फ्रेंडली तौर पर मनाया. अफ्रीका, अमेरिका, कनाडा, ब्राज़ील और ऑस्ट्रेलिया से आये विदेशी सैलानियों ने सबसे पहले रंगोली बनाई और दिया जलाया. रंगोली इतनी खूबसूरत बनाई कि कोई कह ही नहीं सकता था कि यह रंगोली कोई विदेशी मूल के लोग बनाये होंगे.

सैलानियों ने इंसान रूपी रंगोली बनाई और उसके अंदर 7 दिए जलाए गए. यह सात दिए इंसान के अंदर की ऊर्जा को जगाने का काम करते हैं. साथ ही अंदर की बुराई को भी खत्म करने का काम करता है. दिया जलाने के बाद सैलानियों ने महाराज सत्यम का ज्ञान प्राप्त किया. उसके बाद पटाखों के बजाए गुब्बारे फोड़े. गुब्बारे फोड़ने का मकसद सिर्फ इतना ही था कि इन दिनों वायु प्रदूषण की चपेट में पूरा उत्तर भारत है और पटाखे वातावरण को प्रदूषित करते हैं, और उनकी तेज आवाज से ध्वनि प्रदूषण होता है, और कई तरह की बीमारियां भी पैदा होती हैं.

ऐसे में जब आवाज का मजा लेना है तो गुब्बारों को फोड़कर कर क्यों न लिया जाये. खास बात यह भी रही कि दीवाली मनाने के बाद सभी सैलानियों ने योगा भी किया. योग के महत्व को समझा. यह सभी सैलानी देश के सबसे बड़े धार्मिक मेले कुंम्भ में शिरकत करने के लिए आये हुए हैं.

प्रयागराज के क्रियायोग आश्रम में 1992 से योग की शिक्षा लेने के लिए सैकड़ों की तादाद में हर साल विदेशी यहां आते हैं.


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