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100 साल से यहाँ लगता है भूतों का मेला

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Nov 8 2018 1:43PM
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सतीश श्रीवास्तव

बस्ती. बस्ती के एक मजार पर 100 साल से अंध विश्वास का मेला लगता है. दीपावली से एक दिन पहले भूतों और शैतानी आत्माओं को इंसान रूह से अलग कर उन्हें उनके लोक में भेजा जाता है. प्रदेश भर के कोने कोने से प्रेत से परेशान लोग यहां आते हैं और बाबा उनके दुख और तकलीफ तो दूर करते हैं.

इतना ही नहीं इस मजार की कमेटी के सदस्य दावा करते हैं कि किसी भी तरह की बीमारी से लेकर रूह की परेशानी को भी दूर कर देते हैं. दिवाली की रात यानि कि अमावस्या को इस मजार पर सैकड़ों साल से भूतों का मेला लगता है और मजार पर हर तरफ अजीब हरकत करते लोगों को देखकर कोई भी सकते में पड़ जाएगा.

कहने को तो हमारा मुल्क चांद पर जा पहुंचा है. मंगल पर पानी की खोज कर रहा है, लेकिन यही समाज का एक ऐसा हिस्सा भी है, जो आज भी भूत -प्रेत और शैतान पर यकीन करते हैं. मामला उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में नगर थाना क्षेत्र के महुआडाबर गांव का है. जहां सालों पुराने बने सैयद अब्दुल लतीफ के मजार पर भूतों का मेला लगता है. लोगों का मानना है कि यहां मौजूद मजार वाले बाबा अपनी शक्ति से इंसानों के रूप में शैतानों को बुलाते हैं और फिर उन्हें सजा देते हैं. वहां आने वाले लोगों का मानना है कि जो भी यहां आता है और उस पर शैतान का साया होता है तो उसे बाबा के सजा देने से शैतान से मुक्ति मिल जाती है.

सबसे बड़ी बात यह है कि लोग इस अंधविश्वास को आस्था मान कर दूर-दूर से आते हैं और अपना इलाज करवाते हैं. हमें एक हिंदू परिवार मिला जो अपनी पत्नी की बीमारी से परेशान था, उसे सपने में अजीबो गरीब ख्याल आते थे, मगर कई साल तक ईलाज कराने के बाद जब उसे कोई फायदा नहीं हुआ तो वह इस मजार पर आया और उसकी परेशानी दूर हो गई.

इसी तरह एक पढ़ा लिखा दिल्ली का मुस्लिम युवक यहां आकर बाबा का बखान करते नहीं थकता. युवक ने कहा कि उसे भी शैतानी ताकत ने घेर लिया था. ईलाज कराया मगर फायदा नहीं हुआ. मजार पर आने के बाद सारी दिक्कत दूर हो गई. यहां आने वालों में सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं और बच्चियों की होती है.

यहां आने वाले लोगों का यह भी मानना है कि यह एक ऐसी मजार है जहां बाबा शैतानों को खुद बुलाते हैं, चाहे वो उनसे कितने भी दूर क्यों न हों यहां आने वाले बाबा के भक्तों का मानना है कि बाबा जब शैतान जगाते हैं तो फिर वो व्यक्ति तेजी से इधर-उधर भागने लगता है, जब इन शैतानी शक्तियों पर उनके साथ आए परिवार वाले उन पर कोई चादर डाल देते हैं, तो वे शांत हो जाते हैं और फिर उनका शरीर खुद-ब-खुद जमीन पर पटकने लगता है. भूतों का यह मेला देख कर यह यकीन करना मुश्किल है कि मुल्क का ये हिस्सा भी वाकई 21वीं सदी में रहता है.


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