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अयोध्या में राम मंदिर नहीं बुद्ध की प्रतिमा लगनी चाहिए : सावित्री बाई फुले

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Nov 9 2018 3:41PM
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गोंडा. गोंडा बहराइच ब्रॉडगेज ट्रेन के उद्घाटन के अवसर पर गोंडा पहुँचीं बहराइच की सांसद सावित्री बाई फुले ने राम मंदिर मुद्दे को भटकाते हुए एक बड़ा बयान दे डाला है. सांसद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश था कि साक्ष्य के आधार पर अयोध्या में मंदिर बनेगा लेकिन खुदाई के बाद गौतम बुद्ध का अवशेष मिला, इसलिए साक्ष्य के आधार पर तथागत गौतम बुद्ध की अयोध्या में प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए.

सांसद ने बगावती सुर अपनाते हुए साफ लफ़्ज़ों में यह भी कहा कि इसकी मांग मैं लगातार कर रही हूँ. चाहे सड़क से लेकर संसद तक करनी पड़े हमेशा करती रहूंगी. राम मंदिर मुद्दे पर जब सांसद से पूछा गया कि देश संस्कृति से चलेगा या फिर संविधान से चलेगा. इसके जवाब में सांसद सावित्री बाई ने साफ कहा कि भारत के संविधान पर न चलने वाले, उससे हटकर चलने वालों को मैं इतना ही कहूंगी कि भारत में रहना है तो संविधान के मुताबिक ही चलना होगा. केवल संविधान के मुताबिक ही चलना होगा. भारत का संविधान धर्म निरपेक्ष संविधान है. किसी धर्म को ठेस पहुंचाने का अधिकार किसी को नहीं है.

गोण्डा-बहराइच ब्रॉडगेज ट्रेन के उद्घाटन कार्यक्रम में शिरकत करने मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने भी राम मंदिर मुद्दे पर सिर्फ इतना ही कहा कि केन्द्र सरकार ने कभी नहीं कहा है और बीजेपी का 2014 का घोषणा पत्र पढ़िए. जो उसमें लिखा एक-एक शब्द हमारे लिए उसका उतना ही महत्व है जितना भारत के संविधान का है.


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