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राम-जानकी मार्ग से मज़बूत होंगे भारत-नेपाल सम्बन्ध

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Dec 3 2018 10:05AM
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आने वाले 12 दिसम्बर को श्री राम और माता जानकी विवाह पंचमी के अवसर पर जनकपुर पहुंचेंगे. सीएम योगी का कहना है कि यूपी में 4-लेन राम-जानकी मार्ग पर कार्य प्रारम्भ हो चुका है. जिससे दोनों राष्ट्रों के सम्बन्धों को और मजबूती मिलेगी.

सीएम ने बताया कि नेपाल और भारत के सांस्कृतिक व आध्यात्मिक सम्बन्ध पौराणिक समय से चले आ रहे हैं, जो भविष्य में और मजबूत होंगे. इसके अलावा उन्होंने अयोध्या का ज़िक्र करते हुए कहा कि राम-जानकी मार्ग और बस सेवा के जरिए श्रद्धालु भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या धाम तथा माता जानकी की जन्मस्थली जनकपुर धाम के बीच की दूरी को सरलता और सुविधापूर्ण ढंग से तय कर सकेंगे. साथ ही सीएम ने भारतवासियों की श्रद्धा व श्रीराम के प्रति आदर दिखाते हुए अयोध्या और जनकपुर के धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व को भुनाते हुए बताया कि दोनों ही देशों में इन स्थानों के प्रति विशेष आदर व सम्मान है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भविष्य में अयोध्या और जनकपुर के सम्बन्ध में ट्विन सिटी एमओयू हस्ताक्षरित करेंगे. मुख्यमंत्री ने नेपाल मीडिया के 7-सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल से भेंट के दौरान बताया कि वह नेपाल और भारत के प्रगाढ़ सांस्कृतिक सम्बन्धों के पक्षधर हैं और आगामी 12 दिसम्बर को श्रीराम और माता जानकी विवाह पंचमी के अवसर पर जनकपुर वह जाएंगे. यह उनकी सांस्कृतिक यात्रा होगी. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 4-लेन राम-जानकी मार्ग पर कार्य प्रारम्भ हो चुका है. इस मार्ग के निर्मित हो जाने से परिवहन और आवागमन की सुविधा बढ़ेगी.

उन्होंने कहा कि अयोध्या-जनकपुर सीधी बस सेवा प्रारम्भ की जा चुकी है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-नेपाल सम्बन्धों को नया आयाम दिया है. उन्होंने कहा कि राम-जानकी मार्ग से दोनों राष्ट्रों के सम्बन्धों को और मजबूती मिलेगी. अयोध्या-जनकपुर धाम सेवा तथा राम-जानकी मार्ग से विकास की नई यात्रा आरम्भ होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल और भारत के सांस्कृतिक व आध्यात्मिक सम्बन्ध पौराणिक समय से चले आ रहे हैं, जो भविष्य में और मजबूत होंगे.

उन्होंने कहा कि राम-जानकी मार्ग और बस सेवा के जरिए श्रद्धालु भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या धाम तथा माता जानकी की जन्मस्थली जनकपुर धाम के बीच की दूरी को सरलता और सुविधापूर्ण ढंग से तय कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि अयोध्या और जनकपुर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए दोनों ही देशों में इन स्थानों के प्रति विशेष आदर व सम्मान है. यह हमारी विरासत के प्रतीक हैं. महाराजा दशरथ और राजा जनक का अटूट सम्बन्ध था. उसी प्रकार अयोध्या का जनकपुर और काठमाण्डू का काशी के साथ अटूट सम्बन्ध है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में पिछले 2 वर्षों से दीपोत्सव का भव्य और दिव्य आयोजन किया जा रहा है. अयोध्या के विकास एवं सौन्दर्यीकरण की अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं. उन्होंने गत 6 नवम्बर, 2018 को दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला श्रीमती किमजोंग-सुक के साथ एक विशाल प्रतिनिधिमण्डल के दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने की चर्चा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम को अन्तर्राष्ट्रीय मान्यता मिली है.

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सूचना एवं पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी, सूचना निदेशक शिशिर तथा अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक वाई.पी. सिंह मौजूद थे.


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