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मौनी महाराज ने पूछा कि रामलला की पूजा करने पाकिस्तान जाएँ क्या

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Dec 6 2018 2:43PM
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अमेठी. आश्रम के पीठाधीश्वर मौनी महाराज ने 6 दिसम्बर को अयोध्या के सरयू तट से लेकर रामलला के मंदिर तक लेट कर परिक्रमा करने की घोषणा की थी. इस पर फैजाबाद के जिलाधिकारी ने फोन कर मौनी महाराज की इस परिक्रमा पर रोक लगा दी है. जिसके बाद मौनी महाराज ने दिए अपने बयान में कहा कि हिन्दुस्तान के लोग राम लला के पूजन के लिए पाकिस्तान जाएंगे.

उन्होंने कहा कि अयोध्या में रामलला के दर्शन पर पहरा लगा है जबकि अब तक 189 चक्रवर्ती परिक्रमा पूरे देश में कर चुके हैं. किसी भी सरकार में अभी तक धार्मिक अनुष्ठान के लिए रोक नहीं लगाई गई. हम पूजन करने जा रहे थे. मेरे इस पूजन को केवल तुष्टीकरण के लिए रोक दिया गया है कि कहीं मुसलमान नाराज न हो जाएँ. आज जब हनुमान चालीसा का पाठ होता है, भंडारा होता है, कोई पूजा पाठ होता है, तो यह कहा जाता है कि संप्रदायिकता फैलाई जा रही है.

मौनी महराज ने कहा कि हिन्दुस्तान में रामलला के नाम पर सरकार बनी है. केन्द्र में सरकार बनी है, प्रदेश में सरकार बनी है, जिस रामलला के नाम पर वोट मांगा का जा रहा है, आज उन्हीं रामलला के लिए परिक्रमा करने जा रहा था. 179 परिक्रमा मैंने संपूर्ण भारत में कीं लेकिन कहीं रोक नहीं लगाई गई. अन्य सरकारों में भी मैंने देश के कोने कोने में परिक्रमा की है. अन्य सरकारों ने मेरी परिक्रमा में कभी रोक नहीं लगाई. पहली बार ऐसा हुआ है कि भाजपा की सरकार है, रामलला की सरकार है, हमें रोका जा रहा है.

उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि कल 6 दिसम्बर को राम लला की आरती नहीं होगी. पूजन नहीं होगा. यज्ञ नहीं होगा. अगर यही स्थिति है, अगर इतना दबाव है तो पाकिस्तान हो गया है. हमें लगता है कि हिन्दुस्तान को गुलाम होने में बहुत समय नहीं लगेगा. हमें जागना चाहिए. सरकार को और ऐसी गतिविधि पर प्रतिबंध लगना चाहिए. सरकार क्योंकि लोगों के भय से हमारी परिक्रमा को रोकना दुखद और शर्मनाक भी है. देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण भी है. यह केवल तुष्टिकरण का मामला है, क्योंकि मुसलमान को सरकार नाराज नहीं करना चाहती है.

केवल धर्म के नाम पर बात करना बहुत क्लेश युक्त है. हम महात्माओं की ओर से बार-बार शांति का प्रयास किया जाता है, लेकिन अब परिक्रमा करने पर भी रोक लगने लगेगी तो इससे ज्यादा कष्ट क्या होगा, क्योंकि न हम सभा करने जा रहे हैं, न विरोध करने जा रहे हैं, न प्रदर्शन करने जा रहे हैं, न राम मंदिर में किसी प्रकार का निर्माण करने जा रहे थे. लेट कर के जाना भी राम लला के दर्शन के लिए यदि पाप हो गया है तो क्या होगा? दुख के मारे हम सारे लोग बहुत व्यथित हैं. हम सरकार से अपेक्षा करते हैं कि इस पर विचार करना चाहिए और परिक्रमा करने के लिए अनुमति प्रदान करना चाहिए.


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