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आवास के बदले जिस्म की डिमांड करता है प्रधानपति

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Dec 20 2018 3:37PM
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कुशीनगर. उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों पर अंकुश लगाने में बीजेपी सरकार विफल साबित हो रही है. प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद लोगों को यह विश्वास हो गया था कि अब भ्रष्टाचार पर प्रतिबन्ध लगेगा और भ्रष्टाचारियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया जायेगा, लेकिन भ्रष्टाचारियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं. यहाँ तक कि सत्ता में आने के बाद जनप्रतिनिधि महिलाओं की अस्मत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं.

ताजा मामला कुशीनगर जनपद के पडरौना विकास खंड के जंगल चौरिया से सामने आया है. जहाँ आवास की किस्तों में गोलमाल कर सरकारी धन का बंदरबाट किया गया है. इन किस्तों की मांग करने ग्राम प्रधान पति के पास जा रही महिलाओं के साथ अश्लील हरकत की जा रही है. डरी सहमी महिलाओं ने दबंग प्रधानपति के खिलाफ शिकायत भी की है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.

हवस के पुजारी इस ग्राम प्रधानपति के पास अपनी समस्यायों को लेकर महिलायें जाने से डर रही हैं. महिलाओं का आरोप है कि किसी भी बात को सुनने के लिए प्रधानपति रात में अपने घर आने को कहता है.

कुशीनगर जनपद के पडरौना विकास खंड के जंगल चौरिया ग्राम सभा में प्रधानपति की हवस सर चढ़कर बोल रही है. अपनी समस्याओं को लेकर प्रधानपति के पास जा रही महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करना और अश्लील बातें करना इसकी फितरत बन चुकी है. जिले की एक चीनी मिल में बतौर कर्मचारी इस हवस के पुजारी ने अश्लीलता की सारी हदें पार कर दी हैं.

जिसके डर से कोई भी महिला अपनी समस्या लेकर इसके पास जाने से डर रही है. चाहे महिला बुजुर्ग हो या नौजवान सबके साथ यही हरकत की जा रही है. किसी महिला को अपनी गाड़ी पर बैठ कर घूमने को कहता है तो किसी महिला से आवास के बदले जिस्म की मांग करता है. आवास देने के बदले महिलाओं के साथ अप्राकृतिक शारीरिक सम्बन्ध बनाने की बात कहता है, लेकिन इन गन्दी हरकतों की शिकायत पर पैसा भारी पड़ जा रहा है. जिससे इसका मनोबल बढ़ता जा रहा है.

आवास की किस्तों में हेराफेरी करके सम्बंधित जिम्मेदारों द्वारा सरकारी धन के लाखों रुपये डकार लिया गया है. इस ग्राम सभा में संगीता देवी महिला ग्राम प्रधान है, लेकिन सारा कार्य प्रधानपति कमलेश कुशवाह करते हैं. ग्रामीणों के अनुसार जंगल चौरिया ग्राम सभा में लगभग 85 लोहिया आवास बनवाए गए हैं. जिसमें इन सभी आवासों में ग्राम प्रधान द्वारा तीसरी क़िस्त नहीं दी गई गई है. उक्त क़िस्त में आवास की फिनिशिंग, सोलर पैनल व मनरेगा के तहत कराये गए मजदूरी का पेमेंट शामिल है. आवास का दूसरा व तीसरा क़िस्त दिलाने के लिए लाभार्थियों से 30-30 हजार रुपये की वसूली की गई है. इस पैसे को देने के लिए गरीब लाभार्थीयों में किसी ने गहना गिरवी रखा है तो किसी ने खेत गिरवी रख कर रुपये दिए हैं. लेकिन इसके बाद भी आवास की दूसरी व तीसरी क़िस्त ग्राम प्रधान द्वारा नहीं दी गई है. जिन लाभार्थियों द्वारा पैसे कि मांग की जाती है तो उक्त दबंग प्रधान द्वारा सत्ता की हनक दिखाते हुए फर्जी मुक़दमा दर्ज करा कर जेल भेजने की धमकी दी जाती है.

पीड़ित ग्रामीणों द्वारा इसकी शिकायत ब्लाक मुख्यालय से लेकर उच्चाधिकारियों तक किया गया, लेकिन किसी ने भी ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी के इस काले कारनामो के खिलाफ कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई. ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी (सेक्रेटरी) नागेन्द्र पटेल द्वरा इन सभी 85 आवासों के बचे किस्तों को दिलाने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है. इस गोलमाल में संलिप्त सभी जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई कराने और आवास के बाकी क़िस्त दिलाने को लेकर हर संभव प्रयास करने के बाद हार थक कर ग्रामीण महिलाओं ने अब आन्दोलन करने के लिए चेतावनी दी है.

इस मामले पर जब मुख्य विकास अधिकारी रामसूरत पाण्डेय से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि प्रचार करा कर सभी लोगो जागरूक कर दिया गया है कि कोई भी लाभार्थी सरकारी योजनाओं के लिए किसी को भी पैसा न दे. जंगल चौरिया के मामले में बताया कि इस मामले कि जानकारी मुझे नहीं है यदि इसका लिखित शिकायत मिलेगी तो सम्बंधित दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.


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