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उत्तराखंड कैबिनेट ने 8 फैसलों पर लगाई मोहर

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Dec 26 2018 3:35PM
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देहरादून. उत्तराखंड कैबिनेट की आज हुई बैठक में 10 मुद्दों पर चर्चा की गई जिसमें से सरकार ने 8 फैसलों पर मोहर लगा दी और दो फैसले आगामी कैबिनेट के लिए स्थानांतरित कर दिये. सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के कैबिनेट के मुद्दों की जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि राज्य कैबिनेट ने 8 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है जिनमें प्रांतीय चिकित्सा एवं जन चिकित्सा कर्मियों के वेतनमान पर मुहर लगी. साथ ही उत्तराखंड खाद्य चिकित्सा संवर्ग नियमावली में 50 पदों को भरने पर कैबिनेट ने मोहर लगाई. इसके अलावा अन्य कई मसलों पर भी कैबिनेट की मुहर लगी है.

मन्त्रिमण्डल में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले

सचिवालय कर्मियों के स्थान्तरण को लेकर एसीएस की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है. विभिन्न विभागों के निगमों, विभागों से सम्बन्धित 27 सचिवालय कार्मिकों के सेवा स्थान्तरण पर सेवा  करने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है. सूक्ष्म लघु एवं उद्यम विभाग के अन्तर्गत नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर से एमओयू साइन हुआ है. प्रदेश सरकार ने यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर के साथ मिलकर ढाई लाख सिंगापुर डालर की तैयार की कार्य योजना देहरादून स्मार्ट सिटी, सूक्ष्म लघु एवं उद्यम के सम्बन्ध में देंगे रिपोर्ट.

515 कार्मिकों को नियमित करने सम्बन्धित सेवा नियमावली को न्यायालय द्वारा निरस्त करने के पश्चात, न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सरकार इन कार्मिकों को एक वर्ष की छूट एवं 1.5 अंक की वरीयता चयन में देगी गढ़ी कैंट में पांच सितारा होटल, कन्वेशन सेन्टर द्वारा एमएयू के तहत कार्य करने पर 4 करोड़ 54 लाख रुपये सरकार को देने थे. आर्बिट्रेशन के तहत ब्याज छोड़कर प्रारम्भिक रूप में 4 करोड़ 54 लाख रुपये वापस किया जायेगा. सी प्लेन के तहत ईधन में वैट को 20 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत किया गया. इसका टिहरी झील से इसका संचालन होगा. राज्य सरकार, भारत सरकार, विमान पत्तन प्राधिकरण में समझौते के तहत व्यवस्था की गयी है.

सी प्लेन के तहत ढ़ाई एकड़ भूमि भी दी जायेगी. यदि पर्यटक न मिलने पर नुकसान होता है, तब 80 प्रतिशत भारत सरकार और 20 प्रतिशत राज्य सरकार भरपाई करेगी. उत्तराखण्ड खाद्य चिकित्सा संवर्ग नियमावली बनाकर 50 पद सृजित किये गए. प्रन्तीय चिकित्सा एवं दन्त चिकित्सा कार्मिकों को उच्चतर वेतनमान, अवकाश इत्यादि में रिलेक्स दिया जायेगा.


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