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आगरा पुलिस ने किया इंसानियत को शर्मसार

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jan 6 2019 6:07PM
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आगरा. ताजनगरी आगरा में इंसानियत और मानवता को शर्मसार करने वाला वीडियो सामने आया है. बेहया और बदतमीजी की यह वीडियो जहां आगरा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठाता है, तो वहीं सवाल इस बात का भी है कि महिलाओं को बीच बाजार गाली गलौज धकियाते और मारते पीटते इन लोगों को अधिकार आखिरकार किसने दे दिया.

बीच बाजार दिनदहाड़े सड़क पर महिलाओं को मारते-पीटते और ढकेलते यह लोग क्या कानून से ऊपर हो गए. सवाल इस बात का भी है कि कानून उस वक्त क्यों मूकदर्शक बना रहा, और खाकी वर्दीधारी क्यों तमाशबीन रहे.

दरअसल मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के फुब्बारे चौराहे का है.  रविवार को जब सिख समाज का फुब्बारे चौराहे के पास नगर कीर्तन निकल रहा था. तभी पुलिस के गुर्गे और सादावर्दी में पुलिस चौराहे पर तैनात पुलिस को कुछ लोगों ने महिलाओं के द्वारा चोरी होने की शिकायत की. फिर क्या था. इस बात पर पुलिस के गुर्गों और सादा वर्दी में तैनात पुलिसकर्मियों ने न केवल महिलाओं के साथ अभद्रता और गाली गलौज की, बल्कि इंसानियत को तार-तार कर दिया.

बेहया, बदतमीजी और मानवता को शर्मसार करने वाले यह वीडियो  कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करते हैं. क्या यही सलूक है आगरा पुलिस का. क्या यही है ताजनगरी आगरा की पुलिस का संदेश. यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक क्या इस पुलिस से यही मैसेज लेकर जाएंगे.

ऐसे में देखना होगा कि बीच बाजार महिलाओं को धकियाते गाली गलौज करते और  इन लोगों पर पुलिस अधिकारियों का चाबुक कब चलेगा. कानून इस बात की इजाजत नहीं देता कि बिना जुर्म साबित हुए किसी के साथ भी सड़क पर अभद्रता की जाये. कानून तो यहां तक कहता है कि अगर किसी का जुर्म साबित हो जाए तो उसे कानून के शिकंजे में पकड़ कर सलाखों के पीछे पहुंचाया जाए. न कि हयूमन राइट एक्ट का उल्लंघन और मानवाधिकार आयोग के नियमों को ताक पर रख दिया जाए. शायद इस वीडियो में यही कुछ सामने आया है.


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