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एसटीएफ ने किया साल्वर गैंग का खुलासा, कई गिरफ्तार

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jan 7 2019 5:11PM
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लखनऊ. यूपी एसटीएफ ने साल्वर गैंग का बड़ा खुलासा किया है. यह गैंग सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में पास कराने का ठेका लेता था. पुलिस ने इस गिरोह के 13 लोगों को गिरफ्तार किया है. जिसमें गैंग के सरगना का भाई और यूपी पुलिस का सिपाही भी शामिल है.

पकड़े गए लोगों में एक प्रिंसिपल और नगर निगम की महिला राजस्व निरीक्षक भी शामिल है. एसटीएफ के मुताबिक गैंग परीक्षा में पास कराने के लिए 10 से 15 लाख रुपए वसूलते थे. यह लोग इंविजिलेटर लगाकर व्हाट्सएप के जरिए ऑन्सर की मंगाते थे. जिसके बाद सेंटर पर अभ्यार्थी को सवालों को छोड़ देने के लिए कहा जाता था. परीक्षा खत्म होने के बाद इंविजिलेटर खुद आंसर की, देखकर आंसर शीट पर उन्हें सॉल्व करता था. एसटीएफ के मुताबिक इस गैंग का सरगना अजय कुमार अभी फरार है, जो कि मेरठ में भूगर्भ जल अधिकारी के पद पर तैनात है.

गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से कई लाख रुपयों की नकदी के साथ अहम दस्तावेज़ बरामद किये गए हैं. पूरे मामले में जांच टीम सेंटर एलाटमेंट करने वाले डीआईओएस की भूमिका की भी जांच कर रही है. जांच में तथ्य सामने आने पर डीआईओएस की गिरफ्तारी भी हो सकती है. बीते रविवार को परीक्षा सेंटर के बाहर से पुलिस के एक सिपाही को गिरफ्तार किया था. इसी की निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के बाकी सदस्यों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है.

यह गैंग शातिराना तरह से सेंटर के लोगो को पैसे पर अभ्यार्थी को टॉप करा रहे थे. हैरानी की बात तो यह है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड यूपी पुलिस एक नौजवान है. जो सेंटर से बाहर बैठ कर इस गिरोह को चला रहा था.

उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में आयोजित हुई सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में सेंधमारी करने वाले गैंग का यूपी एसटीएफ ने खुलासा किया है. एसटीएफ ने गिरोह से जुड़े 13 लोगों को गिरफ्तार किया है. जिसमें से 9 लोग लखनऊ के हज़रतगंज स्थित नेशनल इंटर कॉलेज से गिरफ्तार किये गए हैं. जबकि 4 लोग प्रयागराज से पकड़े गए हैं.  गिरोह का सरगना अजय कुमार अभी फरार है, जो मेरठ जिले में भूगर्भ जल अधिकारी है. फिलहाल वह पुलिस की गिरफ्त से अभी दूर है, लेकिन एसटीएफ ने उसके भाई यानी दूसरा सरगना को गिरफ्तार कर लिया है. इस शख्स का नाम अरुण कुमार है. जो यूपी पुलिस का सिपाही है. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर आज जेल भेज दिया है. इसी की गिरफ़्तारी के बाद एसटीएफ ने एक के बाद एक गिरफ्तारियां कीं और गिरोह का भांडाफोड़ किया. सेंटर के प्रिंसिपल उमा शंकर वर्मा सहित नगर निगम की महिला राजस्व निरीक्षक भी इस खेल में शामिल थीं.

एसटीएफ के मुताबिक़ चंद पैसों की शर्त पर सेंटर के प्रिंसिपल को सेट किया जाता था और अपना इन्विजीलेटर लगा कर व्हाट्स एप के ज़रिये सॉल्वर से आंसर की मंगाई जाती थी. जिसके बाद अभ्यार्थी को  जो प्रश्न आता है उसी पर सब छोड़ देने को कहा जाता था. समय समाप्त होने के बाद इन्विजीलेटर खुद आंसर की को देखकर आंसर शीट पर गोला लगा उन्हें मार्क कर देता था.

एफटीएफ ने फिलहाल गैंग के कुछ लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से कई लाख रुपये और हम दस्तावेज़ बरामद किये हैं. मगर सरगना सहित कई और लोगों को एसटीएफ गिरफ्तार करने की फिराक में है. एसटीएफ के मुताबिक़ सेंटर अलाट करने वाले डीआईओएस से भी पूछताछ करेगी. अगर जांच में उनकी भी सहभागिता मिली तो कार्रवाई की तलवार उन पर भी लटकेगी.


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