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नशे में डाक्टर ने मरीज़ को लगाया इंजेक्शन, हुई मौत

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jan 11 2019 1:09PM
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देवरिया. गौरीबाज़ार इलाके के सामुदायिक स्वस्थ्य केन्द्र पर देर रात कुछ लोगों ने जमकर हंगामा किया. हंगामा कर रहे लोगों का आरोप है कि उनके मरीज को सीएचसी के डॉक्टर ने नशे की हालत में इंजेक्शन दे दिया. जिससे उसकी मौत हो गई.

गौरीबाजार इलाके में देर रात एक बुजुर्ग महिला की हालत बहुत खराब हो गई. जिसके बाद उन्हें पास के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया. केन्द्र पर तैनात डॉक्टर मनीष सिंह और फार्मासिस्ट बृजेश त्रिपाठी ने चेकअप के बाद मरीज को इंजेक्शन लगाया. आरोप है कि इसके बाद से मरीज की हालत और खराब हो गई. जब परिजन डॉक्टर को बुलाने उनके चेंबर में पहुंचे तो दोनों नशा करते पाए गए. जब सीएमओ से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि डॉक्टर को ड्यूटी से हटा दिया गया है. जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी.

बताया जाता है कि देवरिया जिला के थाना गौरीबाजार के अंतर्गत ग्राम- हरेरामपुर निवासी मुकेश प्रसाद ने अपनी माँ कैलाशी देवी (60) की तबियत खराब होने पर पास के ही स्थानीय समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गौरीबाजार में इलाज के लिये रात करीब 9 बजे लेकर पहुंचे. जहां समुदायिक स्वास्थ केन्द्र पर तैनात डॉक्टर मनीष सिंह और फार्मासिस्ट बृजेश त्रिपाठी मौजूद थे, उन्होंने मरीज को चेकअप के बाद एक इंजेक्शन लगाया, लेकिन कुछ देर बाद मरीज की हालत भी खराब होता देख डॉक्टर को ढूंढते हुये उनके चेम्बर में जा पहुंचे. जहाँ डॉक्टर साहब की स्थिति को देखकर पीड़ित परिजन के होश उड़ गये. डॉक्टर साहब ड्यूटी के दौरान अपने चेम्बर में बैठकर शराब और सिगरेट पी रहे थे.

परिजनों के अनुसार नशे की हालत में डॉक्टर होने के कारण हमारे मरीज का इलाज सही तरह नहीं किया और गलत सुई लगाई जिससे कुछ समय बाद मौत हो गयी. पीड़ित परिजनों के अनुसार जब डॉक्टर को यह मालूम हुआ की सुई लगाने के बाद मरीज की मौत हो चुकी है तो डॉक्टर साहब समुदायिक स्वास्थ केन्द्र गौरीबाजार के पीछे के रास्ते भाग निकले.

इस सम्बन्ध में बात करने पर सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी हुई है. डॉक्टर को हटा दिया गया है. और जांच की जा रही है. जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. वह चाहे डॉक्टर हो या फार्मासिस्ट.

मरीज की मौत और डॉक्टर के फरार होने सूचना जैसे ही परिजनों को हुई बस अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर हंगामे की सूचना पाकर मौके पर पहुँची पुलिस ने उन्हें शांत कराया.


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