आप यहां हैं : होम» राज्य

सार्वजनिक रास्ते पर बन गया खेत, गाँव में आने-जाने का रास्ता हुआ बंद

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jan 13 2019 12:18PM
Sitapur_2019113121819.jpeg

सीतापुर. केन्द्र और राज्य सरकारें भले ही ग्रामीण क्षेत्र का समुचित विकास करने और पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के चेहरे तक मुस्कान लाने की बात कर रही हो, लेकिन सरकारों के यह दावे सीतापुर के एक गांव में खोखले नजर आते हैं. जिन अधिकारियों को जनता की फरियाद सुनकर निराकरण के लिए तैनाती दी गई है. उन अधिकारियों को वह जनता अब कांटे की तरह चुभने लगी है.

मामला सीतापुर जिले के गोंदलामऊ विकास खंड के गांव लम्बुवापुर करसेन्डा का है. जहां पर गांव के कुछ दबंगों ने सामूहिक रास्ते  पर कब्जा कर उसे अपने खेत में मिला लिया और उसमें गन्ने की फसल लगा दी. गांव के लोग इस रास्ते का इस्तेमाल न कर सकें इसके लिए दबंगों ने कंटीले तार भी लगा दिए. वहीं इस रास्ते पर निकलने वाले लोगों को जान से मार डालने की धमकी भी देते हैं.

ग्रामीणों ने रास्ता खुलवाने के लिए डीएम कार्यालय से लेकर तहसील प्रशासन के खूब चक्कर लगाए, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात जैसा ही रहा. इतना ही नहीं तहसील प्रशासन ने शांतिभंग की आशंका में ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है. ग्रामीणों की मानें तो एसडीएम मिश्रिख कहते हैं कि इस गांव के लोग अब मेरी आँखों मे चुभने लगे हैं.

गांव से निकलने के लिए कच्चा रास्ता मांग रहे दर्जनों लोगों पर प्रशासन द्वारा मुकदमा दर्ज कराये जाने के बाद अब निराश गांव के लोगों ने अपने घरों के बाहर घर व खेत बेचने के पोस्टर तक लगा डाले हैं.

गांव वालों का कहना है कि अगर रात में कोई बीमार पड़ जाता है तो रास्ता बंद होने के कारण एम्बुलेंस उनके गांव तक नही पहुँच पाती. मरीज को गंभीर हालत में साइकिल या मोटरसाइकिल से पास के गांव तक ले जाना होता है. एक साल से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा कर थक चुके लोगों को रास्ता तो नहीं मिला लेकिन तहसील प्रशासन ने शांतिभंग की आशंका में गर्भवती महिलाओं समेत कई लोगों पर मुकदमा जरूर दर्ज करा दिया गया है.

दो दबंगों ने वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते को जोत कर अपने खेत में मिला लिया है तो वहीं तहसील प्रशासन गांव वालों को ही गलत बता रहा है. तहसील प्रशासन की मानें तो ग्रामीण जिस जगह से अपना रास्ता बना रखा था वह खेत है. तहसील प्रशासन का कहना है कि गांव को जाने का कोई रास्ता बंद नहीं है. ग्रामीण उसी खेत से रास्ता पाने की ज़िद कर रहे हैं. इस मामले को लेकर जांच की जाएगी.


देश-दुनिया की अन्य खबरों और लगातार अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं।