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पुलिस आरक्षी भर्ती अभ्यर्थियों ने सीएम योगी के सामने किया हंगामा, अरेस्ट

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Mar 2 2019 5:04PM
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गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में उस वक्त हड़कंप मच गया. जब पुलिस आरक्षी भर्ती के अभ्यर्थियों ने सीएम योगी को पोस्टर-बैनर दिखाना शुरू कर दिया. सीएम योगी गोरखपुर दौरे पर थे और किसानों को संबोधित कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस आरक्षी भर्ती 2013 का अंतिम परिणाम घोषित करने की मांग करते हुए अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन करना शुरु कर दिया. हंगामे की वजह से सीएम को अपना संबोधन कुछ देर तक रोकना पड़ा. आनन-फानन में पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया.

हंगामा करने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि वह सीएम से मुलाकात करने जनता दरबार भी पहुंचे थे लेकिन वहां सीएम से मुलाकात नहीं हो सकी. न्यायालय के आदेश के बावजूद उन्हें प्रशिक्षण के लिए नहीं भेजा जा रहा है. अगर जल्द ही सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया तो उनके पास सिर्फ आत्महत्या का ही रास्ता बचेगा.

बताया जाता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर में कार्यक्रम के दौरान पुलिस आरक्षी भर्ती के अभ्यर्थियों ने अपनी बात सीएम योगी तक पहुंचाने का फैसला किया. वह कई बार सीएम तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश भी कर चुके थे. इस कोशिश के तहत वह लखनऊ में होने वाले जनता दरबार के चक्कर भी लगा आये थे लेकिन उन्हें सीएम तक पहुँचने का मौका नहीं मिला. सीएम योगी का गोरखपुर कार्यक्रम बना तो छात्रों ने तय किया कि इस बार अपनी बात सरकार तक पहुंचा ही देंगे.

सीएम योगी जब किसानों को संबोधित कर रहे थे तब इन्होंने सीएम को पोस्टर-बैनर दिखाना शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस आरक्षी भर्ती 2013 का अंतिम परिणाम घोषित करने के साथ ही प्रशिक्षण पर भेजने की मांग की. सीएम योगी जब मंच से किसानों के बारे में बोल रहे थे तो सामने बैठे अभ्यर्थी हंगामा करने लगे और हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर नारेबाजी करने लगे. सीएम योगी ने कुछ देर तक इनको अनसुना किया लेकिन जब इनकी आवाज़ पूरे पंडाल में गूंजने लगी तो मंच से संबोधन कर रहे सीएम योगी को गुस्सा आ गया और उन्होंने प्रशासन को आदेश देते हुए कहा कि इन सभी को कार्यक्रम स्थल से बाहर किया जाए और हंगामा करने वाले सभी लोगों के नाम नोट करके उनको उपलब्ध करवाया जाए.

सीएम योगी ने कई बार इस बात को दुहराया और सीएम के आदेश के बाद जिले के अधिकारी और पुलिस विभाग के अधिकारी मौके पर हंगामा करने वालों को पकड़कर हिरासत में लेना शुरू कर दिया. इस हंगामे की वजह से सीएम को अपना संबोधन कुछ देर तक रोकना पड़ा. हंगामा करने वाले अभ्यर्थी आज सुबह जनता दरबार में भी सीएम से मुलाकात करने पहुंचे थे लेकिन वहां मुलाकात नहीं हो पायी थी. गौरतलब है कि न्यायालय से भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का आदेश पारित हो चुका है. वहीं पुलिस भर्ती बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष के समय से ही अंतिम परिणाम बनकर तैयार है लेकिन वर्तमान समय में पुलिस प्रोन्नति बोर्ड द्वारा कोर्ट के आदेश की अवहेलना की जा रही है तथा अंतिम परिणाम घोषित नहीं किया जा रहा है. ऐसे में पुलिस भर्ती के अभ्यर्थी पिछले 4 सालों से इन्हीं 2312 पदों के लिए न्यायालय में चक्कर काट रहे है.

हालांकि कोर्ट से आदेश के बाद पुलिस भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों का  मेडिकल परीक्षण करा लिया गया है बावजूद इसके अब पुलिस प्रोन्नति बोर्ड द्वारा न्यायालय के आदेश की अवहेलना किया जा रहा है तथा यह पद भरने से मना किया जा रहा हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लेट-लतीफी की वजह से कई अभ्यर्थी ओवर ऐज हो चुके हैं तथा न्यायालय का चक्कर काट-काट कर परेशान हो चुके हैं. ऐसे में अगर पुलिस भर्ती बोर्ड अपनी मनमानी से बाज़ नहीं आता है तो अभ्यर्थियों के पास आत्महत्या के अलावा और कोई रास्ता नहीं दिखेगा.


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