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बाराबंकी का यह महादेवा मन्दिर बड़ा ख़ास है

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Mar 4 2019 12:28PM
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बाराबंकी. महाशिवरात्रि पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है, और शिवभक्त अपनी मनोकामना लिए भोलेबाबा के शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं और भगवान शिव माता पार्वती के विवाह में बराती बन कर शामिल होते हैं. बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में स्थित महाभारत कालीन प्राचीन शिव मंदिर महादेवा परिसर बम भोले शिव शंकर के जयकारों से गूँज रहा है. शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के लिए शिव भक्तों का जमावड़ा लगा हुआ है.

शिवभक्त कंधे पर काँवर रख कर सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पैदल तय करके महादेव मंदिर पहुंचे हुए हैं. बाराबंकी का ये महादेवा मंदिर हजारों वर्ष पुराना महाभारत कालीन है. ये मंदिर लोधेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध है.

घाघरा नदी के किनारे स्थित इस महादेवा शिवमंदिर की शिवलिंग एक खेत से निकली थी, और ये खेत किसान लोधेराम का है. पौराणिक कथा के अनुसार एक दिन किसान लोधेराम अपने खेतों में पानी लगाए हुए थे, और बड़े परेशान थे, क्योंकि सिंचाई का सारा पानी एक गड्ढे में जा रहा था और वो गड्ढा पानी से भी नहीं भर रहा था. रात को किसान लोधेराम परेशान होकर घर लौट आये और उन्होंने सपने में देखा कि जिस गड्ढे में पानी जा रहा था वहां भगवान शिव भोलेनाथ की शिवलिंग थी. ये वही शिवलिंग है जिसकी महाभारत काल मे माता कुंती पूजा अर्चना करती थीं.

किसान सुबह-सुबह खेत पहुंचा और वहां खुदाई करवाई. उस स्थान पर शिवलिंग मिली. उसी के बाद से उसी स्थान पर ये शिवलिंग आज भी स्थापित है. मान्यता है की इस शिव मंदिर में जो भी शिवभक्त जलाभिषेक करता है उसकी मनोकामना पूर्ण होती है. खासकर शिवरात्रि के दिन यहाँ शिव भक्तों का जनसैलाब ऐसा दिखता है कि सभी जगह शिवभक्तों का जमावड़ा मिलता है. लोग बड़े हर्षोल्लास के साथ अपने आराध्य देवो के देव महादेव की पूजा अर्चना कर जलाभिषेक करते हैं.

शिवरात्रि में तो मंदिर की सुंदरता देखते ही बनती है. औरते, बूढ़े, बच्चे और नौजवान सभी भगवान भोलेनाथ की एक झलक पाने के लिए रात से ही लम्बी- लम्बी कतारों में लग जाते हैं, हजारों की संख्या में भक्तों का जनसैलाब बारी बारी से भगवान शिव का जलाभिषेक करते है, और अपनी मनोकामनाएं भगवान की चरणों में समर्पित करते हैं. लोगों की मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से भगवान भोले नाथ की आराधना करता है भगवान शिव अपने भक्तों की मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं.

यही कारण है कि इस लोधेश्वर महादेव मंदिर में दूर दराज से शिव भक्तों का तांता लगता है. शिवरात्रि के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहता है. जनसैलाब को देखते हुए चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात रहती है. मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग कर भक्तों को कतारों के द्वारा दर्शन के लिए मंदिर के अंदर भेजा जाता है. पूरी सुरक्षा और शांतिपूर्ण तरीके से भक्त अपने आराध्य देव की पूजा अर्चना कर अपनी मनोकामनाएँ पूर्ण करते हैं.


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