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जंगलों में पड़ रहे मलबे से वन संपदा को हो रहा नुकसान

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Mar 30 2019 3:25PM
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मसूरी. एक बार फिर वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है. वन विभाग की लापरवाही के कारण मसूरी के आसपास के जंगलों में भू माफिया और ठेकेदार मलबा डालते जा रहे हैं. जिससे बेशकीमती वन संपदा और पेड़ों को भारी नुकसान पहुंच रहा है. वहीं वन विभाग के अधिकारियों को इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं है. न ही वन विभाग के अधिकारी इस संबंध में कोई कार्रवाई करने को तैयार हैं. मीडिया ने जब इस पूरे प्रकरण की जानकारी अधिकारियों को दी. तब जाकर अधिकारियों ने एक टीम भेज मौके पर खुदाई कर रहे मजदूरों के औजार जब्त कर लिए.

जंगलों में मलवा डाले जाने से बेशकीमती वन संपदा और पेड़ों को भारी नुकसान पहुंच रहा है. मसूरी के टिहरी बस स्टैंड लंढौर कम्यूनिटी अस्पताल के पास के जंगलों में लगातार डाला जा रहा है परंतु वन विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले से अनभिज्ञ हैं. वहीं अस्पताल के पास में ही पहाड़ों को काट कर प्लाटिंग की जा रही है. इसका भी संज्ञान वन विभाग के अधिकारियों को नहीं है. जबकि वन विभाग के अधिकारियों द्वारा कहा जा रहा है कि विभाग के कर्मचारियों द्वारा समय-समय पर जंगलों और आसपस के क्षेत्रों में गश्त लगाई जाती है, परंतु भ्रष्टाचार में लिप्त वन विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं.

इस संबंध में मसूरी वन विभाग की डीएफओ कहकशां नसीम से शिकायत की गई तो उनके द्वारा क्षेत्रीय वन दरोगा के साथ वन विभाग की टीम को भेजा गया. तब जाकर वन विभाग की टीम द्वारा जंगलों में खदान करने वाले मजदूरों के सामान को ज़ब्त कर लिया गया. सवाल उठता है कि जब काफी समय से जंगलों की खदान और मलवा डाला जा रहा था तो वन विभाग के अधिकारी कहां थे.

स्थानीय लोगों का कहना है कि मसूरी कैंट में चल रहे निर्माण कार्य से निकलने वाले मलबे को ठेकेदार द्वारा काफी समय से मलवे को दिनदहाड़े जंगल में डाला जा रहा है. जिसकी शिकायत उनके द्वारा वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से भी की गई. परंतु इस संबध में किसी के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई. आज पूरा जंगल मलबे से पट गया है और इसका नतीजा आने वाली बरसात में देखने को मिलेगा. जब सारा मलबा बहकर जगंल के नीचे टिहरी बाईपास के मुख्य रोड में जायेगा. जिससे मार्ग बंद होगा. वहीं बेशकीमती बुरास के पेड़ों और वन संपदा को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है. परंतु वन विभाग और स्थानीय प्रशासन इस दिशा में कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है.

उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि स्थानीय प्रशासन विभाग के अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त है और ठेकेदार के साथ मिलीभगत करके यहां पर मलबा डलवा रहे हैं. वहीं जंगलों के किनारे अवैध रूप से की जा रही प्लाटिंग की जा रही है. उन्होंने सरकार और वन विभाग के उच्च अधिकारियों से इस संबंध में ठोस कार्रवाई करने की मांग की गई है. जिससे वन संपदा के साथ हरे भरे पेड़ों को भी बचाया जा सके. मसूरी वन विभाग के दरोगा गजेंन्द्र दत्त गौंड ने बताया की विभाग द्वारा समय समय पर चेकिंग अभियान चलाया जाता है. वह जंगल में मलवा डालने वाले ठेकेदार के खिलाफ विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है.

डीएफओ कहकशां नसीम ने टेलीफोन पर बताया कि उनको मीडिया के द्वारा टिहरी बस स्टैंड के पास डाले जा रहे मलबे की सूचना दी गई है जिसमें तत्काल कार्रवाई करते हुए उनके द्वारा वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजा गया और पूरे मामले की जांचकर  रिपोर्ट देने के निर्देश दिये गए हैं. उन्होंने कहा कि इगर कोई भी वन विभाग का अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.


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