आप यहां हैं : होम» धर्म-कर्म

माँ के चन्द्रघंटा स्वरूप के दर्शन से पूरी होगी हर मनोकामना

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Apr 8 2019 12:05PM
chandraghanta_20194812553.png

वाराणसी. वासंतीय नवरात्र के तीसरे दिन माँ चन्द्र घंटा देवी के  दर्शन का महत्व है. माँ का अति प्राचीन मंदिर वाराणसी के चौक क्षेत्र में स्थित है. माँ चन्द्र घंटा के घंट में चन्द्रमा है और माँ युद्ध की मुद्रा में बैठी है. इसी कारण माँ के दर्शनों से आपके शत्रुओं का नाश होता है.

यहाँ रात से ही श्रद्धालु माँ के दर्शनों के के लिए कतार में लग जाते हैं. माँ की मंगला आरती के बाद दर्शनार्थियों को दर्शनों के लिए मन्दिर खोला जाता है. मंदिर खुलते ही माँ के जयकारों से सारा क्षेत्र गूँज उठता है. दर्शनार्थी नारियल, चुनरी के साथ मिष्ठान भोग अर्पित करके माँ से अपनी मनोकामना की पूर्ति के प्रार्थना करते हैं.

देवी के इस स्वरूप की आराधना में ऐ कारी सृष्टि रूपाय ही कारी प्रति पालिका-कली कारी काम रूपिन्ये बीजरूपे नमोस्तुते. मन्त्र का विशेष महत्व है. नवरात्र के तीसरे दिन चित्र घंटा देवी व सौभाग्य गौरी के दर्शन-पूजन करने से गृहस्थ जीवन में सुख समृद्धि आती है. साथ ही साथ स्त्री-पुरुष की आयु में वृद्धि व दाम्पत्य जीवन में व्याप्त बाधाओं को माँ शीघ्र हर लेती है.

कहा जाता है की माँ के नौ रूपों का दर्शन नवरात्रि के दिनों में करने से माँ की कृपा अपने भक्तों पर सदा बनी रहती है. दूर-दूर से लोग माँ के दर्शनों के लिए आते है और माँ से अपने ऊपर कृपा करने की प्रार्थना करते हैं.


देश-दुनिया की अन्य खबरों और लगातार अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं।