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तेजी से जल रहे जंगल और सोया है वन महकमा

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: May 5 2019 1:16PM
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रूद्रप्रयाग. यहाँ कई इलाकों में जंगल आग की चपेट में हैं, और वन महकमा है कि आग बुझाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है. हर साल देखा जाता है कि फायर सीजन के लिए वन विभाग पहले से ही तैयारियों का दावा करता है, लेकिन जब जंगलों में आग लगती है तो वन महकमा आग बुझाने के लिए नजर नहीं आता है. ऐसे में ग्रामीणों को अपनी वन सम्पदा की रक्षा स्वयं ही करनी पड़ती है. हालात ऐसे हैं कि आग लोगों की दहलीज तक पहुंच चुकी है, लेकिन वन महकमा है कि दूर से ही जल रहे जंगलों को देख रहा है और करोड़ों की वन संपदा राख हो रही है. जंगलों में लगी के आग के कारण चारों ओर धुंध ही धुंध फैल गई है. जिस कारण आम जनता को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

हालात यह हैं कि जंगल तेजी से जल रहे हैं और वन महकमा सोया पड़ा है. जंगली जानवरों और वन औषधियों को तेज़ी से नुकसान पहुंच रहा है. जंगलों में आग लगती है तो सिर्फ वन संपदा का ही नुकसान नहीं होता है बल्कि इससे तरह-तरह की बीमारियाँ भी फैलती हैं. आग की गर्मी से प्राकृतिक स्रोतों के सूखने का खतरा भी बना रहता है.

रुद्रप्रयाग जनपद के अगस्त्यमुनि, उखीमठ, जखोली विकासखण्ड के कई इलाकों में लगने से जंगल जलकर राख हो रहे हैं, लेकिन आग बुझाने वाला वन विभाग चैन की नींद में सोया हुआ है. जंगलों में लगी की आग की लपटें इतनी तेज हैं कि सब कुछ जलकर स्वाहा हो रहा है. पहाड़ियों पर फैली आग के कारण पहाड़ी से पत्थर भी गिर रहे हैं, जिस कारण दुर्घटना होने का खतरा भी बना हुआ है. यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया तो कोई बड़ी दुर्घटना होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है.


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