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दशाश्वमेघ घाट पर श्रद्धा से मनी गंगा सप्तमी

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: May 11 2019 5:01PM
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वाराणसी. देश में आज गंगा सप्तमी मनाई जा रही है. वाराणसी में  गंगा की आराधना और जलाभिषेक किया गया. वाराणसी के प्रसिद्ध दशाश्वमेघ घाट पर गंगा सप्तमी के इस मौके पर संत समाज के लोग उपस्थित रहे. शास्त्रों के अनुसार, वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था. इस दिन बड़ी संख्या में लोग गंगा तटों पर पहुंचते हैं और आराधना करते हैं. मान्यता है कि इस दिन गंगा में डुबकी लगाने से बीमारियां दूर होती हैं. गंगा सप्तमी स्वयं सिद्ध मुहूर्त वाला दिन होने के कारण सभी कार्यों को करने के लिए शुभ दिन माना गया है.

राजा भागीरथ ने वर्षों की तपस्या के बाद माँ गंगा को आज के ही दिन पृथ्वीलोक पर उतारा था. गंगा न सिर्फ एक नदी, बल्कि लोगों की आस्था की प्रतीक भी है. सतयुग से लेकर आज तक गंगा सप्तमी को गंगा अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है. धर्म की नगरी वाराणसी में भी आज माँ गंगा की आराधना और जलाभिषेक किया गया. वाराणसी के प्रसिद्ध दशाश्वमेघ घाट पर गंगा सप्तमी के इस मौके पर संत समाज से लेकर विशिष्ट जनों का हुजूम नज़र आया.  सभी ने माँ गंगा का पूजन अर्चन कर उनकी स्वच्छता, देश की एकता और अखंडता की कामना की.

मां गंगा के अवतरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के बारे में बाबा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक श्रीकांत शर्मा ने बताया कि आज ही के दिन मां गंगा का अवतरण हुआ था जो कि गंगा दशहरा के रूप में भी मनाया जाता है. शुक्ल पक्ष की सप्तमी के दिन मां गंगा का अवतरण हुआ था और आज ही के दिन मां गंगा धरती लोक पर राजा भागीरथ की तपस्या की वजह से आई थीं. इस वजह से आज के दिन को मां गंगा का दिन कहा जाता है. मां गंगा की उत्पत्ति दिवस के अवसर पर काशी के दशाश्वमेध घाट पर विशिष्ट जनों ने मां गंगा की पूजन अर्चन कर आरती उतारी और देश की एकता और अखंडता की कामना की.


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