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पीएम मोदी की केदारनाथ यात्रा की तैयारियां पूरी

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: May 17 2019 6:47PM
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रुद्रप्रयाग. पीएम मोदी के आगमन को लेकर शासन-प्रशासन स्तर पर हलचलें तेज हो गई हैं. सूत्रों की मानें तो शनिवार को प्रधानमंत्री केदारनाथ पहुंचने वाले हैं. जिसको लेकर धाम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये जा रहे हैं. जिसके कारण धाम में चारों तरफ बैरिकेडिंग लगाई जा रही है, और हर तरफ सफाई अभियान चलाया जा रहा है. माना जा रहा है कि 18 मई को प्रधानमंत्री केदारनाथ आयेंगे और धाम में पूजा-अर्चना करेंगे.

पीएम के कार्यक्रम को लेकर पहले ही 30 सदस्यीय एसपीजी की टीम केदारपुरी पहुंच चुकी है. एसपीजी की टीम धाम में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा ले रही है. जबकि प्रशासन की ओर से जहां भी पीएम के जाने की संभावनाएं हैं, उस स्थान पर व्यवस्थाएं चाक चौबंध की जा रही हैं.

पीएम मोदी के कार्यक्रम को लेकर हलचलें तेज हो गई हैं. धाम के चारों ओर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये जा रहे हैं. मंदिर परिसर में बैरीकेडिंग लगाई जा रही है. सफाई अभियान भी चल रहा है.

स्वयं पुलिस अधीक्षक अजय सिंह सहित कई अन्य पुलिस के अधिकारी केदारनाथ पहुंच गए हैं. गुरुवार को गढ़वाल कमिश्नर भी केदारनाथ पहुंचे. जहां उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इधर, केदारनाथ में ध्यान गुफा के चारों ओर सुरक्षा बढ़ाई गई है. गुफा के करीब सुरक्षा कर्मियों और अन्य कर्मचारियों के लिए टेंट भी लगाए गये हैं, जिससे कोई अन्य व्यक्ति आस-पास न आ सके. वहीं डीएम मंगेश घिल्डियाल अफसरों के साथ केदारनाथ में तैयारियों में जुटे हैं. अफसरों को वीआईपी ड्यूटी के लिए जिम्मेदारियां दी गई हैं.

पुलिस के 250 से अधिक जवान केदारपुरी में पीएम की सुरक्षा में तैनात रहेंगे. सेना के हेलीकॉप्टर की ट्रायल लैंडिंग कराई गई. पीएम दौरे के लिए सेना के एमआई 17 ने गुरुवार को केदारनाथ में ट्रायल लैंडिंग की. बताया गया कि एमआई ने चार बार केदारनाथ में लैंडिंग और टेक ऑफ का अभ्यास किया. इस दौरान सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों के हेलीकॉप्टर की उड़ानें बंद रहीं. 1985-86 में मोदी आये थे केदारनाथ.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चौथी बार भगवान केदारनाथ की यात्रा पर आ रहे हैं. उनकी भगवान भोले के प्रति अटूट आस्था है. बताया यह भी जाता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अस्सी के दशक में केदारनाथ मंदिर से डेढ़ किमी पहले गरूड़चट्टी स्थान पर साधना की थी, जिसका फल उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में मिला. भोलेनाथ की सच्ची आराधना और साधना से मनुष्य को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और पीएम मोदी की भोले बाबा के प्रति अगाध प्रेम है. पीएम मोदी के साथ उस समय केदारनाथ धाम के वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती भी रहा करते थे. वे उनके साथ चाय और नाश्ता करते थे.


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