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एग्जिट पोल के बाद विपक्ष ने ईवीएम की निगरानी शुरू की

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: May 22 2019 4:45PM
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वाराणसी. एग्जिट पोल के बाद राजनीतिक दलों ने उन स्थानों की निगरानी शुरू कर दी है जहाँ पर ईवीएम मशीनों को रखा गया है. पहले चंदौली फिर गाजीपुर और मऊ में मतगणना से पहले जिन स्थानों पर ईवीएम मशीनें रखी गई है उन स्थानों पर नई ईवीएम मशीनों के साथ कुछ गाड़ियों के पहुंचने की सूचना मिलने के बाद पूर्वांचल में अचानक से राजनीति गरमाने लगी है. इन सबके बीच देर रात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी अफवाह का बाजार गरम हो गया. इस सूचना पर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए लेकिन पुलिस प्रशासन ने यहां पहुंचकर चीजों को संभाला और ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया है.

एडीएम गौरांग राठी का कहना है कि ईवीएम पहुंचने जैसी कोई बात सामने आई ही नहीं है सिर्फ स्ट्रांग रूम के बाहर बनाए गए सीसीटीवी कंट्रोल रूम में बैठने को लेकर कार्यकर्ता ज़िद कर रहे थे, जबकि उनको वहां से बाहर बैठने के लिए कहा जा रहा था इसी बात को लेकर कुछ देर तक गहमागहमी रही लेकिन बाद में एसपी सिटी, मुख्य विकास अधिकारी एडीएम सिटी ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया. फिलहाल दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के अलावा कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी रात स्ट्रांग रूम के बाहर डटे रहे.

दरअसल 19 मई सातवें चरण का मतदान खत्म होने के बाद विपक्ष लगातार भारतीय जनता पार्टी पर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगा रहा है. जिसे देखते हुए गाजीपुर चंदौली में काफी हंगामा भी हुआ. मऊ में भी पुलिस ने कार्यकर्ताओं को खदेड़ कर वहां से भगाया. उसके बाद देर रात वाराणसी में भी पहाड़िया मंडी जहां पर ईवीएम मशीनें रखी है वहां सपा बसपा के लोग पहुंचकर ईवीएम की निगरानी की बात करने लगे. जिस पर पुलिस प्रशासन ने उन्हें बाहर बैठकर निगरानी को कहा लेकिन वह नहीं माने उनका कहना था कि हमें स्ट्रांग रूम के अंदर लगे कैमरों का कनेक्शन जिस कंट्रोल रूम में वहां बैठने दिया जाए लेकिन प्रशासन ने उन लोगों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी. जिसकी वजह से कार्यकर्ता वहीं पर बैठ गए जिसके बाद थोड़ा देर गहमागहमी की स्थिति बनी रही काफी देर तक चली पंचायत के बाद जिन कार्यकर्ताओं के पास अंदर जाने के पास थे उनको स्ट्रांग रूम के बाहर बने खाली स्थान पर बैठने की अनुमति दी गई.

23 मई को मतगड़ना होनी है लेकिन ईवीएम बदलने के खतरे से  राजनैतिक दलों की नींद में हराम है. मुरादाबाद के नवीन मंडी में भी ईवीएम की सुरक्षा के लिए फोर्स तैनात है, लेकिन अन्य राजनैतिक दल भी रात में ईवीएम की निगरानी कर रहे हैं. गड़बड़ की आशंका पर प्रत्याशी डॉक्टर एसटी हसन ने जानकारी देते हुए बताया पिछले 5 साल में सभी का भरोसा एक दूसरे पर से कम हो गया है. बीमारियों का बोलबाला है और जिस तरह की खबरें पूरे हिंदुस्तान से आ रही हैं, कहीं ईवीएम पकड़ी जा रही है कहीं पर ईवीएम अलग जगह पर पड़ी हुई होती है, तो इससे यह अंदेशा होता है कि कहीं न कहीं ईवीएम बदली तो नहीं जा रही है. कहीं इनकी कैलकुलेशन और रेटिंग को चेंज तो नहीं किया जा रहा है. इसीलिए स्ट्रांग रूम के बाहर हमने अपने लोगों को लगा रखा है. ताकि ईवीएम के अंदर कोई भी छेड़छाड़ नहीं हो पाए.

ईवीएम मशीन से छेड़छाड़ की आशंका के बीच फिरोजाबाद में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पूरी रात जागकर ईवीएम मशीनों की रखवाली कर रहे हैं. शिकोहाबाद कृषि मंडी में ईवीएम मशीनों को रखा गया है. कृषि मंडी के सामने 100 मीटर की दूरी पर भारी पुलिस फोर्स के बीच समाजवादी पार्टी के एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ता रात भर ईवीएम की निगरानी करते रहे, इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आवाहन पर हम इन मशीनों की निगरानी कर रहे हैं. आजमगढ़, जौनपुर, गाजीपुर,चंदौली में ईवीएम गड़बड़ी की खबर को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने ईवीएम की रखवाली करने का फैसला किया है. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बताया कि कई जगह से सूचना मिली हैं कि ईवीएम में हेराफेरी की जा सकती है.


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