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ट्विंकल की मौत से देश भर में गुस्सा, लोग सड़कों पर उतरे

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jun 8 2019 2:38PM
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लखनऊ. यूपी के अलीगढ़ जिले में ढाई साल की मासूम बच्ची ट्विंकल शर्मा की निर्मम हत्या के बाद गम और गुस्से का माहौल पूरे देश में है. राजनीति, खेल, फिल्म समेत समाज के हर तबके के लोगों में देखने को मिल रहा है. मासूम को न्याय दिलने के लिए आज लखनऊ के थाना हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर लखनऊ विश्व विद्यालय के छात्र और कई सामजिक संगठनों ने गांधी प्रतिमा पर एकत्र होकर कैंडिल जला कर श्रद्धांजलि दी और उसके आरोपितों के खिलाफ सरकार से फांसी जैसी सजा की मांग की.

इस मौके पर समाज सेवी सुमन रावत ने कहा कि ये घटना बड़ी ही शर्मनाक है. ऐसी घटना हमें झकझोर रही है. एक छात्र ने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोज-रोज सुन कर ऐसा लगता है कि अब दुनिया में लड़कियों को जन्म नहीं लेना चाहिए. वहीं सुप्रीम कोर्ट की वकील ने कहा कि ऐसे लोगों को तुरंत चौराहे पर खड़ा करके मार देना चाहिए. और ये सब हमारी ख़राब कानून व्यवस्था और पुलिस की लापरवाही के कारण होता है.

मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत से गुस्साए बागपत के लोग सड़कों पर उतरकर आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. जिससे बागपत के कस्बा बडौत में आज लोगों ने बाजारों में कैंडल मार्च निकालकर जुलूस निकाला है और सरकार से आरोपितों को फांसी की सजा देने की मांग की है.

अलीगढ़ में हुई मासूम बच्ची के साथ हैवानियत के मामले से लोगों में गुस्सा है, लोग आरोपितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. लोगों ने कहा कि आये दिन इस तरह की वारदात सामने आ रही है जिन पर लगाम लगना चाहिए और सरकार इस तरह की वारदात पर लगाम लगाने के लिए क़ानून बनाये और अलीगढ़ में हुई बच्ची के साथ हैवानियत के मामले में आरोपितों को फांसी देने की मांग की है.

ट्विंकल की हत्या की घटना को लेकर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के आक्रोशित छात्रों ने कैंडल मार्च निकाल कर विरोध जताया. अलीगढ़ में ट्विंकल की हत्या की घटना से पूरे देश के लोगों में आक्रोश का माहौल है. पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के काशी हिंदू विश्व विद्यालय के छात्र इस घटना को लेकर बेहद आक्रोश में हैं. ट्विंकल की हत्या से नाराज़ छात्रों ने आज विश्वविद्यालय के सिंह द्वार से कैंडल मार्च निकाला. छात्रों ने बीएचयू गेट से पीएम मोदी के संसदीय जनसंपर्क कार्यालय तक कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध व्यक्त किया.

घटना को लेकर छात्रों का कहना था कि जिस प्रकार से संसद में एससी -एसटी और अन्य कानूनों पर अध्यादेश लाते है वैसे ही हमारे सांसदों को हमारे देश की बहन - बेटियों के साथ होने वाले निर्मम घटना पर भी अध्यादेश लाकर आरोपितों को फांसी की सजा देनी चाहिए.

बीएचयू के छात्र आशीष तिवारी ने बताया कि बेटी समाज की इज्जत होती है वह किसी रूप में हो सकती है बेटी के रूप में हो सकती है बहन के रूप में हो सकती है मां के रूप में हो सकती है. अगर समाज में बेटियों के साथ ऐसी बर्बरता की कहानी दोहरा रहे हैं जो समाज के लिए अच्छा नहीं है. आशीष निक कहा कि जिस तरह से प्रधानमंत्री एससी एसटी एक्ट लेकर आए उसी तरह से बेटियों के बर्बरता को रोकने के लिए पास्को एक्ट के तहत एनएसए के तहत उनको न्याय मिले और ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो.


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