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अनंतनाग में आतंकियों से मुठभेड़ में यूपी के दो जवान शहीद

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jun 13 2019 2:41PM
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लखनऊ. कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 5 जवान शहीद हो गए. शहीद जवानों में दो यूपी के जवान भी शामिल हैं. यूपी के गाजीपुर और शामली के जवान इस आतंकी हमले का शिकार हो गए.

सीआरपीएफ के शहीद जवानों में महेश कुशवाहा गाजीपुर के सदर क्षेत्र के जेतपुरा गांव के निवासी थे. महेश कुशवाहा के परिजनों को देर शाम सीआरपीएफ सूत्रों से फोन द्वारा सूचना मिली. उसके बाद घर में मातम छा गया. बताया जा रहा है कि महेश कुमार अपने पिता के दूसरे और छोटे पुत्र थे और वही परिवार के मुख्य आर्थिक स्रोत भी थे. महेश कुमार की शादी लगभग 7 साल पहले हुई थी. उनका एक 5 साल का बेटा और एक 3 साल की बिटिया है. दोनों को पता नहीं है कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे.

महेश के चाचा ने रोते हुए बताया कि 2 दिन पहले महेश के बुजुर्ग पिता जी को दिल का दौरा पड़ा था. जिसकी सूचना महेश को दी गई थी और महेश कल छुट्टी लेकर रात में चलने वाले थे कि दिन में यह आतंकी घटना हो गई और वह देश पर शहीद हो गए. चाचा ने बताया कि प्राप्त सूचना के अनुसार जब इनकी टीम गाड़ी में बैठ रही थी तभी आतंकी हमला हुआ और महेश ने जवाबी फायर किया जिसमें एक आतंकी को यह मारने में सफल हो गए लेकिन इन्हें भी गोली लग चुकी थी. जिससे हॉस्पिटल में इन्होंने भी दम तोड़ दिया.

गांव में इस वक्त शोक का माहौल है दोस्त और परिजन सरकार से आतंकियों के खात्मे की मांग कर रहे हैं, उनका कहना है कि त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए. कमरे में बैठकर बातें नहीं. फिलहाल अभी हमारे सामने जिला प्रशासन के लोग भी पहुंचे. तहसीलदार और एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर पूरी जानकारी ली. एसडीएम सूरज कुमार ने बताया कि आधिकारिक सूचना आज सुबह मिली है, आज शाम तक वाराणसी होते हुए पार्थिव शरीर गाज़ीपुर लाया जाएगा और पूरे राजकीय सम्मान के साथ इनका अंतिम संस्कार होगा.

इस फिदायीन हमले में शामली का जवान सतेंद्र कुमार भी शहीद हुआ है. यह जवान शामली जनपद के थाना कांधला क्षेत्र के गांव किवाना का रहने वाला है. सत्येंद्र वर्ष 2010 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था और 2 साल से जम्मू कश्मीर में तैनात था. बीती देर शाम अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में सत्येंद्र कुमार भी शहीद भी शहीद हो गए. सत्येंद्र के पीछे उसका भरा पूरा परिवार है, सत्येंद्र के दो बच्चे हैं एक 4 वर्ष का बेटा दीपांशु वे दूसरा 2 वर्ष का बेटा वाशु. सत्येंद्र के पिता मनीराम के परिजनों ने सरकार से मांग की है कि अब बहुत हो चुका अब इस आतंकवाद का खात्मा होना चाहिए. आज हमारा बेटा शहीद हुआ है, कल किसी और मां का बेटा शहीद न हो इसके लिए सरकार को आतंकवाद के विरुद्ध सख्त कदम उठाने चाहिए.

गांव में सत्येंद्र की शहादत की खबर सुनकर सैकड़ों की संख्या में लोग सत्येंद्र के घर पर पहुंचे और सांत्वना दी. शहीद के भाई के केशव ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह गांव में शहीद के नाम से एक स्मारक बनाए ताकि युवाओं में जोश भरे और वो सेना में जाने के लिए प्रेरित हों. शहीद के भाई का कहना है कि वह भी सेना में भर्ती होना चाहता है और देश के काम आना चाहता है. बाद में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने 2 मिनट का मौन धारण कर शहीद की आत्मा कि शांति के लिए प्रार्थना की.

सैकड़ों ग्रामीणों ने शहीद अमर जवान और और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए. इस दौरान मौके पर एसडीएम शामली एडिशनल एसपी ने भी पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी.


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