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अनंतनाग हमले में शहीद जवानों का राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jun 14 2019 6:02PM
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लखनऊ. अनंतनाग में आतंकी हमले में शहीद हुए उत्तर प्रदेश के दोनों जवानों का आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया. कश्मीर हमले में आतंकवादियों से लड़ते हुए गाज़ीपुर के शहीद सीआरपीएफ जवान महेंद्र कुशवाहा और शामली के शहीद सत्येन्द्र आज पंचतत्व में विलीन हो गए.

आज सुबह लगभग साढ़े 9 बजे शहीद महेंद्र कुशवाहा को उनके पैतृक गांव जैतपुरा पर लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके गांव जैतपुरा के पास ही गंगा घाट पर ले जाया गया जहाँ हजारों की संख्या में लोगों ने शहीद को सलामी दी. इस अवसर पर CRPF जवानों ने शहीद को सैनिक सम्मान के साथ सलामी दी, इसके साथ ही लोगों ने महेंद्र कुशवाहा अमर रहे, भारत माता जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों के साथ उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. शहीद को उनके पिता गोरखनाथ कुशवाहा ने मुखाग्नि दी.

इस मौके पर शहीद के पिता गोरखनाथ कुशवाहा जो हार्ट पेशेंट भी है और हॉस्पिटल से रात में ही घर आए हैं. उन्होंने कहा कि महेंद्र मेरी बीमारी की खबर सुनकर छुट्टी आने वाला था, लेकिन आतंकियों से मुठभेड़ में देश के काम आया और अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा में गोली लगने के बावजूद दो आतंकियों को मार गिराया. मुझे उसकी शहादत पर गर्व है. 

उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि हमारी तीन पीढ़ी देश की सुरक्षा में काम कर रही है और मुझे अपने बेटे पर बहुत ही नाज़ है. आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नीलकंठ तिवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा दोनों लोग सहित परिजनों के घर गए थे. मंत्री ने घरवालों को आश्वासन दिया जो भी संभव मदद होगी की जाएगी. शासन की तरफ से 2500000 रुपए की मदद शहीद के परिजनों को की गई है. जिसमें 5 लाख रुपये शहीद के माता-पिता को और 20 लाख रुपए उनकी धर्मपत्नी को खाते में दिया जाएगा. मंत्री ने घोषणा की कि उनके गांव की एक सड़क उनके सम्मान में उन्हीं के नाम पर बनाई जाएगी और शहीद के परिवार से किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी.

सीआइएसएफ के कमांडेंट नागेन्द्र शहीद महेंद्र कुशवाहा को अंतिम सलामी देने अपनी पूरी टीम के साथ आए थे. उन्होंने बताया कि इस जवान ने बहुत ही बहादुरी का परिचय दिया, और इसने एक आत्मघाती आतंकी को क्रॉस फायरिंग में मार गिराया. जिसमें इनको भी गोली लगी और इनकी शहादत हुई. उन्होंने बताया कि आज की डेट में जो भी जम्मू कश्मीर में ड्यूटी कर रहा है. हर सिपाही बहुत ही मुस्तैदी और बहादुरी से जुड़ा हुआ है. उन्होंने बताया कि शहीद के परिवार को एक महीने के अंदर उनकी जीवन बीमा सहित सरकारी केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा जो अनुदान मिलते हैं वह वित्तीय सेवाएं प्राप्त हो जाएंगी.

आतंकी हमले में शहीद शामली के जवान सतेंद्र का पार्थिव शरीर आज  उनके पैतृक गांव पहुंचा. शामली के किवाना गांव में शहीद के अंतिम दर्शन के लिए भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा. शहीद के घर जिले के डीएम-एसपी के साथ बीजेपी और अन्य दलों के बड़े नेता मौजूद रहे. सभी ने नम आँखों से शहीद सतेंद्र को अंतिम विदाई दी.

उल्लेखनीय है कि जाबांज सतेंद्र कुमार आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे. सत्येंद्र साल 2010 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे, और 2 साल से जम्मू कश्मीर में तैनात था. वहीं शहीद सत्येंद्र के पिता मनीराम के परिजनों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द इस आतंकवाद का खात्मा होना चाहिए. शहीद के भाई के केशव ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वे गांव में शहीद सत्येंद्र के नाम से एक स्मारक बनाएं ताकि युवाओं में जोश भरे और वो सेना में जाने के लिए प्रेरित हों.


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