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CM योगी के निर्देशों के रियलिटी चेक में SSP फेल, DM पास

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jun 14 2019 6:44PM
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गोरखपुर. जनता की समस्याओं के समाधान में हो रही देरी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 जून को प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ लखनऊ में मीटिंग कर यह सख्त निर्देश दिया कि हर अधिकारी अपने कार्यालय में सुबह 9  बजे से 10 बजे तक बैठे और आने वाले सभी लोगों की समस्याओं का त्वरित निवारण करें. मुख्यमंत्री के इस निर्देश का जिलों में कितना पालन हुआ है इसका सच जानने के लिए आज गोरखपुर में हमारे संवाददाता ने जिलाधिकारी और एसएसपी कार्यालय का रियलिटी चेक किया.

इस रियलिटी चेक में यह पाया गया कि गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. सुनील गुप्ता के कार्यालय में सुबह 9 बजे हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था और एसएसपी के कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था.

हालांकि एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता के कार्यालय का बैक डोर खुला हुआ था और यहाँ के कर्मचारी का मानना है कि वह सुबह 8 बजे ही आकर यहाँ कार्यालय तैयार कर देता है और कप्तान साहब का इंतजार करता है. लेकिन साहब तो छोड़िए उनके मातहत भी 9 बजे तक कार्यालय तक नहीं पहुंच पाए.

गोरखपुर में यह हाल जिले के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी के कार्यालय का है. जहां पर लोगों को इंसाफ की उम्मीद खींच कर ले आती है. यहां पर आए एक फरियादी से जब हमने बात की तो उनका कहना है कि वह सुबह 8 बजे ही यहां पर पहुंच गया था. उसे लगा था कि मुख्यमंत्री के निर्देश का अधिकारी पालन करते हुए अपने कार्यालय में बैठ जाएंगे लेकिन अधिकारी और कर्मचारी सुबह सवा 9 बजे के बाद भी नहीं पहुंच पाए.

गोरखपुर के जिलाधिकारी कार्यालय पर सुबह 9 बज कर 12 मिनट पर जब हमारी टीम ने जायजा लिया तो जिलाधिकारी गोरखपुर विजेंद्र पांडियन अपने कमरे में मौजूद मिले. बताया गया कि साहब सुबह 9 बजे ही कार्यालय में पहुंच गए हैं और यहां पर जो भी इक्का-दुक्का फरियादी आ रहे हैं. उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं. हमने भी जब जिलाधिकारी कार्यालय के अंदर जाकर देखा तो जिलाधिकारी अपने कमरे में मौजूद मिले और लोगों की फरियाद सुनते नजर आए.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साल 2017 में जनता दर्शन कार्यक्रम की शुरुआत की थी. वह कार्यक्रम अभी भी सुबह 9 बजे से जिलाधिकारी कार्यालय में चलाया जाता है. हालांकि वक्त अब 9 से 11 की जगह 9 से 10 कर दिया गया है, लेकिन अधिकारी समय से मौजूद रहते हैं. जिलाधिकारी गोरखपुर का कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का यहां पर शुरू से पालन किया जाता रहा है और यही वजह है की फरियादियों की संख्या पहले से काफी कम हो गई है. उन्होंने बताया कि सुबह 9 बजे से बैठने से आम लोगों की जो दिक्कतें हैं उसको ठीक से जाना समझा जा सकता है, और मुख्यमंत्री की मंशा के हिसाब से लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है.


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