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पीएम मोदी व सीएम योगी की मुहिम में पलीता लगा रही है पुलिस

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jun 17 2019 4:33PM
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कुशीनगर. एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिलाओं के सम्मान को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं को ला रहे हैं तो वहीं योगी की पुलिस इनकी इस मुहीम में पलीता लगाते हुए दिख रही है. इसका ताजा उदाहरण कुशीनगर जनपद के कप्तानगंज तहसील क्षेत्र के मठिया गाँव में देखने को मिला. जहाँ प्रशासनिक अमला पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने इसका विरोध किया है.

ग्रामीणों के विरोध को शांत करने के लिए योगी की मित्र पुलिस एक बार फिर महिलाओं पर बर्बरता पूर्वक क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए लाठीचार्ज के नाम पर जमकर लाठियां बरसाई हैं. इस लाठीचार्ज में मठियां गाँव के लगभग एक दर्जन पुरुष व महिला घायल हो गए.

पूरा मामला यह है कि कप्तानगंज तहसील व थाना क्षेत्र के मठिया गाँव में सार्वजनिक जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए कोर्ट ने आदेश दे रखा है. जिसका अनुपालन कराने में पुलिस और प्रशानिक टीम पर एकतरफा कार्रवाई कराने का आरोप लगा है. ग्रामीणों का आरोप है कि कोर्ट के आदेश की आड़ में कप्तानगंज थाने की पुलिस एक विशेष व्यक्ति से मोटी रकम लेकर उसके लिए व्यक्तिगत रास्ता बनवा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक जमीन से सभी लोग अतिक्रमण हटा लिए हैं लेकिन गाँव के ही एक दबंग व रसूखदार व्यक्ति के प्रभाव में आकर पुलिस ने हम ग्रामीणों के साथ ज्यादती की है.

पुलिस व राजस्व विभाग की टीम जब एक विशेष व्यक्ति के कहने पर जेसीबी के ज़रिये व्यक्तिगत रास्ते को खाली कराने लगी तो ग्रामीण उग्र हो गए और जेसीबी मशीन को क्षतिग्रस्त कर प्रशासनिक टीम को घेर लिया. मामला बिगड़ता देखकर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. लोगों के घरों में घुस कर महिलाओं, बच्चो व राहगीरों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने लगे. पुलिस का संवेदनहीन चेहरा तब सामने आ गया जब घर के अन्दर रह रही दुल्हनों की भी बुरी तरीके से पिटाई कर दी गई. घरों में घुस कर तोड़ - फोड़ भी की गई.

पुलिस की इस बर्बरता पूर्ण कार्रवाई में गाँव के दर्जनों लोग घायल बताये जा रहे हैं. ग्रामीणों के साथ हुए पुलिसिया अत्याचार सुनकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के क्षेत्रीय विधायक रामानंद बौद्ध मौके पर पहुंचे और दर्जनों ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए. विधायक ने दोषी पुलिसकर्मियों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की. मामला बढ़ता देख देर रात मौके पर उपजिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी पूरे दल-बल के साथ पहुँच गए. काफी मान मनौवल व उच्चाधिकारियों के आश्वासन के बाद मामला ख़त्म हुआ.

स्थानीय ग्रामीण व विधायक का मानना है कि जब तक दोषी पुलिस कर्मियों और राजस्वकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होगी तब तक इस आन्दोलन को शांत नहीं होने दिया जायेगा. अभी सिर्फ शांति व्यवस्था कायम रहने के लिए प्रशासन को एक मौका दिया जा रहा है.


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