आप यहां हैं : होम» राज्य

अयोध्या के तापमान में कमी लाने में लगे रहे सीएम योगी

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Nov 8 2018 2:12PM
cm yogi ayodhya_2018118141242.jpg

ऋषि गुप्ता

अयोध्या. इस बार दीपावली के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को कई तोहफे दिए. इनमें फैजाबाद जिले का नाम अयोध्या करने के साथ नव निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का नाम महाराज दशरथ के नाम पर करना और एयरपोर्ट का नाम श्रीराम एयरपोर्ट करना शामिल है, लेकिन अयोध्या की राम की पैड़ी से उन्होंने उस बारे में कुछ भी नहीं कहा, जिसके बारे में लोग सुनने के लिए व्याकुल थे. उन्होंने राम मंदिर के बारे में कुछ भी नहीं कहा, जिसको लेकर हाल के कुछ दिनों से अयोध्या का तापमान गर्म है. इसीलिए जब दीपावली के मुख्य पर्व पर  गोरखपुर रवाना होने से पहले योगी आदित्यनाथ राम जन्मभूमि समेत अलग अलग मंदिरों में जाकर दर्शन करने लगे और साधु संतों से मुलाकात करने लगे तो हमने उनके जाने के बाद उन संतों महंतों का दिल टटोला तो योगी के साथ थे या जिनके यहां मुख्यमंत्री खुद गए थे.

हमने सबसे पहले राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के मंदिर छोटी छावनी का रुख किया. यहां की उत्तराधिकारी कमल नयन दास ने बताया कि योगी आदित्यनाथ राम मंदिर को लेकर क्या भरोसा दिलाएंगे. उनके दिल में तो राम मंदिर के लिए खुद ही पीड़ा भरी है. उन्होंने बस इतना कहा कि तैयारी रखिए जल्दी मंदिर बनेगा.

अब हमने राम जन्म भूमि के पक्षकार और हर दर्शन पूजन और संतों से मुलाकात में साथ साथ दिखाई दिए महंत धर्मदास से यही सवाल किया तो उन्होंने सबसे चौंकाने वाला बयान दिया उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर कानून तो बन ही नहीं सकता, लेकिन वह सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार का पक्ष रखने वाले अधिवक्ता से इस मामले में शीघ्र से शीघ्र सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध करने की बात कहेंगे. अगर महंत धर्मदास की बात पर यकीन करें तो यह राम मंदिर मसले पर सबसे बड़ी अपडेट है.

हमने बड़ा भक्तमाल मंदिर जाकर वहां के महंत अवधेश दास जी पूछा कि राम मंदिर मसले पर कोई बात कही मुख्यमंत्री ने या संतों ने कोई सवाल किया तो जवाब में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत भावना है कि उनके मुख्यमंत्री काल में ही राम मंदिर का निर्माण हो जाए. राम मंदिर निर्माण को लेकर जो विसंगति आ रही है. उसको दूर करने के लिए यूपी सरकार और केन्द्र सरकार आपस में बातचीत करेंगे यह दूसरी सबसे बड़ी अपडेट है. वहीं दूसरी तरफ अयोध्या की वह साधु संत जो केवल राम मंदिर से जुड़े हैं लेकिन भाजपा और उसकी सहयोगी संगठनों से नहीं जुड़े हुए हैं वह केवल और केवल राम मंदिर निर्माण चाहते हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणाओं को केवल लाली पाप मानते हैं. साथ ही यह संकेत भी देते हैं कि अगर शीघ्र ही राम मंदिर नहीं बना तो वह आर पार की लड़ाई लड़ेंगे.


देश-दुनिया की अन्य खबरों और लगातार अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं।