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गाजीपुर में आज भी मौजूद हैं भव्य विरासत के अवशेष

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Nov 9 2018 1:34PM
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गाज़ीपुर. जिले का भितरी गाँव एक गाँव ही नहीं बल्कि प्राचीन इतिहास समेटे ग़ाज़ीपुर का मशहूर कस्बा भी है. यहां स्कन्दगुप्त (455-467 ई०) काल के वैष्णव मंदिर के अवशेष के साथ ही खड़ा एक पाषाण विजय स्तंभ (लाट) देखने लायक है. ठीक सामने 1998-99 ई० में ही ग़ाज़ीपुर के तत्कालीन डी.एम. राजन शुक्ला के दिशा निर्देश पर बना पार्क भी है. जो बेहद खूबसूरत और हरा-भरा है.

भारत सरकार का भारतीय सर्वेक्षण इसकी निगरानी करता है. 1964-70 तक यहाँ हुई खुदाई से प्राचीन अवशेष बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में यहाँ के छात्रों, शोधकर्ताओं द्वारा महफूज़ किया गया है.

पर्यटन स्थल भितरी कस्बा गंगा-जमुनी पहचान लिये है. यहां की सरज़मीन के इर्द-गिर्द मंदिरों के अलावा सैकड़ों शहीदों की कच्ची-पक्की कब्रें, दरगाहें, मस्जिद व ऊंचा टीला कोट पर बनी शानदार शाही ईदगाह के अन्दर-बाहर भी कई मजार देखे जा सकते हैं. वैष्णव मंदिर के अवशेष और पाषाण विजय स्तंभ के आलावा यहाँ पंजाबी शाह रहमतुल्लाह अलैह, बकरी शाह व सोहराब बाबा (नंदगंज) की गद्दी आस्ताना मौजूद है. कस्बे की हर दूसरी तीसरी गलियों में मकानों के सटे शहीदों मज़ार देखने को मिल जाती हैं.

कहीं-कहीं ताजिया रखने के लिए इमाम हुसैन चौक स्थापित किया गया है. साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल यह कस्बा भितरी कुल मिलाकर लोगों जरूर जाकर देखना चाहिए.


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