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तीसरी बेटी पैदा हुई तो बेटियों के साथ माँ को भी घर से निकाल दिया

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jan 12 2019 11:03AM
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महोबा. अगले जन्म मोहे बिटिया ना कीजो किसी फिल्म का यह गीत इस घटना पर सटीक बैठता है. एक पिता ने तीसरी बार बेटी होने पर अपनी पत्नी को मारपीट के बाद तीनों मासूम बेटियों को घर से बेघर कर दिया है. मां अपनी तीनों बच्चियों को लेकर न्याय की गुहार लगा रही है. इस मां का कसूर सिर्फ इतना है कि उसकी कोख से एक बेटा पैदा नहीं हो सका. जिसको लेकर एक पिता हैवान बन बैठा है.

महोबा के रेलवे स्टेशन पर भूख से बिलखती मासूम बच्चियों पर कलयुगी पिता का कहर बरपा है. रेलवे स्टेशन पर खुले आसमान के नीचे भीषण ठंड से ठिठुरती घर से बेघर हुई मासूमों की आँखों में दर्द के आंसू झलक रहे हैं. तो पति की पिटाई से लाचार मां अपने शरीर पर दर्द की दास्तान बयान कर रही है. पूरा मामला महोबा शहर कोतवाली का है. जहाँ एक महिला पति द्वारा मारपीट की शिकायत लेकर आई थी.

यह पूरा मामला शहर कोतवाली के डढ़त माफ गांव का है. जहाँ रहने वाले शेखर अहिरवार की शादी महोबकंठ थाना क्षेत्र के राजोनी गांव में रहने वाले बिहारी लाल की बेटी क्रांति के साथ हुई थी. शादी के बाद क्रांति ने रूबी को जन्म दिया. कुछ बर्ष बाद हिमांशी को जन्म दिया. मगर कलयुगी पिता को यह दो बेटियों बिल्कुल भी रास नहीं आ रही थीं. जिसको लेकर बेटे की चाह में क्रांति ने एक बार फिर प्यारी सी मासूम बेटी बर्षा को जन्म दिया. लगातार तीसरी बेटी होते ही क्रांति का पति आग बबूला हो गया. पति शेखर ने अपने परिजनों के साथ क्रांति की बेरहमी से पिटाई कर घर से निकाल दिया. मासूम बेटियों के साथ बेबस लाचार मां थाने में न्याय की गुहार लगाकर अपने मां बाप के साथ ट्रेन में जाने को विवश हो गयी है.


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