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पहाड़ों पर भी सुनाई देगी रेल इंजन की आवाज़

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Sep 14 2018 6:52PM
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रोहित डिमरी

रुद्रप्रयाग. कुछ सालों में पहाड़ में भी रेल के इंजन की आवाजें सुनाई देंगी. पहाड़ में रेल पहुंचाने के लिये उत्तर रेलवे ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. वहीं इससे पहाड़वासियों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं. ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन में रुद्रप्रयाग जिला भी खासा प्रभावित हो रहा है. जिले के दस ऐसे गांव हैं जो सर्वाधिक प्रभावित हो रहे हैं. जिले की 23 हेक्टेयर जमीन पर 25 किमी लंबी रेल लाइन का निर्माण किया जायेगा.

इस रेल लाइन निर्माण से रुद्रप्रयाग जनपद के 889 किसान प्रभावित हो रहे हैं. 889 काश्तकारों में से अभी तक 782 काश्तकारों ने प्रतिकर ले लिया है. इस रेल लाइन निर्माण से 132 भवन ऐसे हैं. जो पूर्णतया टूट रहे हैं. इन प्रभावितों की जो जमीन बची हुई थी. उसे अब चारधाम परियोजना के तहत अधिगृहित किया जा रहा है. जिससे ग्रामीण काश्तकारों की परेशानी बढ़ गई है.

रेल लाइन निर्माण से रुद्रप्रयाग के 132 परिवार प्रभावित हो रहे हैं.  प्रभावितों की पुश्तैनी जमीन और घर रेल लाइन निर्माण के साथ ही आल वेदर रोड में प्रयोग किया जा रहा है.

कुछ सालों बाद पहाड़ में भी रेल के इंजन की आवाजें सुनाई देने लगेगी. पहाड़ में रेल पहुंचाने के लिये उत्तर रेलवे ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. जहां एक ओर पहाड़ में रेल पहुंचाने की सरकारी तैयारियां हो चुकी हैं, वहीं पहाड़वासियों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं.

रेलवे निर्माण से जहां जनता खुश है, वहीं कई काश्तकार ऐसे भी हैं जो इस रेल लाइन निर्माण से दुखी हैं. प्रभावित काश्तकार आरोप लगा रहे हैं कि उन्हें गुमराह किया गया है. विकास का बहाना देकर रेल निर्माण में उनकी जमीन बिकवाई गई और अब जो जमीन उनके पास बची भी थी, उसे बद्रीनाथ हाईवे चौड़ीकरण में प्रयोग में लाया जा रहा है. ऐसे में उनके पास उनका पैतृक कुछ भी नहीं बच रहा है.

रुद्रप्रयाग से भाजपा विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि काश्तकारों की हर संभव मदद की जायेगी. काश्तकारों के हितों की लड़ाई लड़ी जायेगी. काश्तकारों के साथ कुछ गलत नहीं होने दिया जायेगा.

रुद्रप्रयाग रेल लाइन निर्माण से प्रभावित होने वाले 10 गांव, नरकोटा, तिलणी, सुमेरपुर, मवाणा, नगरासू में 54 परिवार तो नरकोटा में 21, सुमेरपुर में 23, मवाणा में 30 परिवार प्रभावित होंगे. रेल लाइन निर्माण के लिये नरकोटा व घोलतिर में डंपिंग जोन बनेगा और सुमेरपुर में रेलवे स्टेशन होगा.


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