आप यहां हैं : होम» धर्म-कर्म

मुसलमान की चुनरी और माली के फूलों के बिना पूजन अधूरा है

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Oct 11 2018 10:31AM
Vindhyachal_20181011103158.jpg

मीरजापुर. विन्ध्याचल मेले का प्रान्तीयकरण किये जाने पर लोगों ने खुशी ज़ाहिर की है. विन्ध्याचल में वर्ष में दो बार लगने वाले नवरात्रि मेले का प्रान्तीयकरण करके सरकारी मदद किये जाने की परम्परा वर्षों से चली आ रही थी. अब तक मेले में व्यवस्था नगर पालिका परिषद करता आ रहा है. जनता से मिले धन से सफाई, निर्माण और प्रकाश समेत तमाम जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा है. हर छह माह में करीब 80 लाख रुपया खर्च होता रहा है.

पूर्वांचल के मीरजापुर जिले में स्थित विन्ध्याचल नवरात्रि मेला का प्रान्तीयकरण किये जाने से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की आस जगी है. मेले को सरकारी मदद देने की मांग वर्षों से की जा रही थी. प्रदेश और समाज के विकास के लिए नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी का धन्यवाद जताया है.

मेले में सफाई, निर्माण और प्रकाश समेत सारी व्यवस्था करने वाला नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने भी प्रदेश की योगी सरकार की पहल का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि इससे पालिका को जनहितकारी कार्यों में सहूलियत मिलेगी.

नवरात्रि के नौ दिन यात्रियों की सेवा और सहूलियत प्रदान करने के लिए समाज का हर वर्ग कई सप्ताह पूर्व तैयारी में लग जाता है. मेले की कमाई से छह माह की अपनी रोजी रोटी की व्यवस्था करता है. मुसलमानों की बनाई चुनरी हिन्दू भक्त चढ़ाते हैं. तो माली के फूल बिना पूजन अधूरा है. धाम में नगाड़ा बजाने और नाई समाज को मेले से बड़ी आशा रहती है. मेले का प्रान्तीयकरण किये जाने से भक्तों की संख्या में वृद्धि होगी. इससे समाज के हर वर्ग का भला होगा.


देश-दुनिया की अन्य खबरों और लगातार अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं।