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मेट्रो में चलने का उत्साह इसलिए पड़ जाता है फीका

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Mar 14 2019 5:20PM
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लखनऊ. राजधानी लखनऊ में मेट्रो चलने लगी तो लोगों में उत्साह भी है लेकिन आधी अधूरी तैयारियों के साथ चली मेट्रो से लोगों को दिक्कतें भी आ रही हैं. अगर आपको मेट्रो से सवारी करनी है तो वाहन घर पर छोड़कर ही आयें, क्योंकि मेट्रो की तरफ से न मेट्रो स्टेशन के अगल-बगल कोई पार्किंग बनाई गई है और न ही स्टेशन के पास कोई गाड़ी खड़ी करने की जगह. अगर आप वहां गाड़ी खड़ी करते हैं तो गाड़ी या तो भगवान भरोसे खड़ी होती या कोई भी गाड़ी में टक्कर मारकर जा सकता है.

लखनऊ एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया तक के 23 किलोमीटर के सफर में 21 मेट्रो स्टेशन में लगभग 17 मेट्रो स्टेशन ऐसे हैं जिनके आस पड़ोस में कोई पार्किंग नहीं है. लोग मेट्रो स्टेशन के बाहर फुटपाथ पर ही या किसी कोने में जुगाड़ लगाकर वाहन खड़ा करते हैं. जिसको कभी-कभी नगर निगम की गाड़ियां क्रेन से उठवा भी लेती हैं. एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया तक 21 मेट्रो स्टेशन में एयरपोर्ट, आलमबाग, हजरतगंज और केडी सिंह स्टेडियम जहां पहले से ही भूमिगत और मल्टी लेवल पार्किंग है.

बाकी 17 स्टेशनों के पास कोई पार्किंग नहीं है. स्टेशनों से आने जाने वाले यात्री अपना वाहन स्टेशन के बाहर ही इधर-उधर सड़क के किनारे खड़ा करते हैं. जिससे जाम लग जाता है. इसके साथ ही जो  गाड़ियां हजरतगंज, मुंशीपुलिया, सचिवालय, ट्रांसपोर्ट नगर स्टेशन के बाहर खड़ी होती है उनको क्रेन से उठवा लिया जाता है. अब ऐसे में यात्री गाड़ी कहां खड़ी करें यह बड़ा सवाल है.


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