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मेरठ की प्लास्टिक फैक्टरी में लगी भीषण आग

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Mar 14 2019 1:48PM
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मेरठ. जनपद मेरठ में एक बार फिर आग ने अपना तांडव मचाया है. इंडस्ट्रियल इलाके में बनी प्लास्टिक बनाने की फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई. उसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. दमकल विभाग की कई गाड़ियां आग पर काबू करने में जुटी हैं.

यह हादसा थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र के साईपुरम क्षेत्र में हुआ है. इस इलाके में तरह-तरह की फैक्ट्री और कारखाने संचालित हैं, लेकिन इन फैक्ट्रियों कारखानों में कोई भी अग्निशमन यंत्र नहीं दिखाई देता. जिस वजह से प्लास्टिक बनाने के इस कारखाने में आज अचानक आग लग गई. जिसके बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया. किसी प्रकार अंदर काम कर रहे लोग यहां से निकल कर भागे और अपनी जान बचाई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और लोगों का हुजूम मौके पर जुट गया.

यह फैक्ट्री एक इंडस्ट्रियल इलाक़े में चल रही थी, इस वजह से स्थानीय लोग कुछ नहीं कर पाए. इसकी सूचना फायर विभाग को दी गई, लेकिन घंटों बाद दमकल विभाग की 3 गाड़ियां मौके पर पहुँचीं. तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया था. इसी वजह से दमकल की गाड़ियों को आग पर काबू पाने में भी घंटों जद्दोजहद करनी पड़ी. इस दौरान स्थानीय लोग आग से जूझते रहे. हालात को देखते हुए आसपास की फैक्ट्रियों को खाली करा लिया गया.

बताया गया है कि फैक्ट्री के अंदर शॉर्ट सर्किट हुआ है. जिसके बाद ही आग लगी है, लेकिन सबसे अहम बात यह है कि मेरठ के अधिकतर कारोबारियों के यहां अग्निशमन यंत्र नहीं लगे हैं. जिसके कारण आग आसानी से लग कर विकराल रूप ले लेती है. बताया गया है यह फैक्ट्री भी अवैध रूप से बिना लाइसेंस के संचालित थी. जिसमें अचानक आग लग गई.

उधर अधिकारियों से जब जब यह पूछा जाता है कि कहां-कहां किन फैक्ट्रियों कारखानों में अग्निशमन यंत्र लगे हैं और कहां नहीं लगे हैं, अगर किसी के पास अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था नहीं है तो क्या उन पर कार्रवाई की जाएगी. इस बात पर अधिकारी चुप्पी साध लेते हैं. आपको बताते चलें कि इससे पहले भी नोएडा सहित गाजियाबाद और मेरठ के कई बड़े हॉस्पिटल या पब्लिक प्लेस में आग लग चुकी है. जिसमें साफ पाया गया था कि वहां फायर फाइटर सिस्टम नहीं लगे हुए थे. जिसकी वजह से आग बेकाबू हो गई थी, लेकिन इन सब घटनाओं के बाद भी दमकल विभाग की टीम सबक नहीं लेती और शहर में कभी अभियान चलाकर यह नहीं देखती है कि कहां फायर फाइटर सिस्टम है और कहां नहीं लगे हैं.

आज तक ऐसे कारोबारियों पर कार्रवाई नहीं की गई है जिन्होंने अपनी फैक्ट्री और कारखानों में अग्निशमन यंत्र नहीं लगाए हैं. हालांकि इस फैक्ट्री में लगी आग पर काबू पा लिया गया है. लाखों का माल जलकर खाक हो गया है, लेकिन अभी भी सवाल खड़ा हो रहा है कि इंडस्ट्रियल इलाकों में फैक्ट्रियां और कारखाने आखिर किसकी शह पर चल रहे हैं. जिन फैक्ट्रियों को शहर के बाहर होना चाहिए वह सबसे व्यवस्थित इलाकों में आसानी से संचालित हो रही हैं.


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