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लखनऊ पुस्तक मेले में विराट कथा पर हुई चर्चा

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Feb 10 2019 7:38PM
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लखनऊ. रिजर्व बैंक के सामने संगीत नाटक अकादमी परिसर गोमतीनगर में एक फरवरी से चल रहा लखनऊ पुस्तक मेला व अंकुरम शिक्षा महोत्सव आज रविवार को समाप्त जायेगा. यहां सूबे के 11 जिलों से आई बाल प्रतिभाओं के कार्यक्रम कर रहे हैं, तो साहित्य-संस्कृति प्रेमियों के लिए विविध आयोजन लगातार चल रहे हैं.

‘समापन की दहलीज पर महापर्व कुम्भ’ थीम पर आधारित पुस्तक मेले में आज खासी भीड़ रही. मेले में कलकुंज, जीवन पब्लिशिंग, सुभाष पुस्तक भण्डार और प्रकाशन संस्थान व अन्य स्टालों पर पुस्तक प्रेमी मनपसंद पुस्तक छांटते दिखाई दिए. सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत यहां परिवहन विभाग की ओर आयोजित समारोह में केजीएमयू के डॉ. संदीप तिवारी, बीबीएयू के डॉ. वेंकटेश दत्ता, सूचना आयोग के रजिस्ट्रार जितेन्द्र मिश्रा ने लोगों को समुचित उपायों की जानकारी दी. मुख्य अतिथि जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने आयोजन को सराहा. इस अवसर पर हुई चित्रकला प्रतियोगिता में चिरंजीव भारती स्कूल, सीएमएस, स्प्रिंग डेल, माडर्न स्कूल, सुरभि पब्लिक स्कूल, गुरुकुल एकेडमी व अन्य विद्यालयों के बच्चे शामिल हुए. प्रतियोगिता में वरदान, लावनी अस्थाना, अरुश सिंह, इशिका पटेल, श्रेया त्रिपाठी, शमन अस्थाना, श्रेया त्रिपाठी, कृतिका, अन्वेशा व अंशिका विजेता रहे.

डॉ. सुधाकर अदीब की पुस्तक विराट कथा पर हुई चर्चा में मुख्यअतिथि दयानन्द पाण्डेय, डॉ. नीरज चौबे, डॉ. मंजु शुक्ला, डॉ. अमिता दुबे, बसंतलाल वर्मा पद्मकांन्त, परमात्मा प्रसाद श्रीवास्तव के साथ ही रचनाकार ने गहन विचार प्रस्तुत किये. 

उल्लास मल्टीमीडिया फ़ाउण्डेशन की ओर से मीनू खरे के हाइकु संग्रह खोयी कविताओं के पते का विमोचन रंगकर्मी डॉ. अनिल रस्तोगी, व्यंग्यकार उर्मिल कुमार थपलियाल व डॉ. मिथिलेश दीक्षित ने किया. समारोह में निवेदिता श्रीवास्तव, पवन जैन, राजेंद्र वर्मा ने पुस्तक की विषद समीक्षा प्रस्तुत की.

ज्वाइन हैण्ड्स फाउण्डेशन की ओर से राजवीर रतन के निर्देशन में रावणलीला के नाट्यपाठ में विकास शर्मा, राज मल्होत्रा, अंशुमान दीक्षित, डॉ. दिनेश शर्मा, अजय अवस्थी, विश्वजीत, राधेश्याम, चन्द्रशेखर यादव, पार्थ, प्रशांत पाण्डेय, रोहित अवस्थी, शेखावत व स्वयं निर्देशक ने नाट्यपाठ किया. पार्श्वपक्ष में अनेक रंगकर्मियों का सहयोग रहा. इसके साथ ही पोएट हाउस के काव्य समारोह में युवा रचनाकारों ने रचनाएं पढ़ीं. 


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